बलरामपुर में किस प्रकार मनाया गया मकर संक्रांति का पावन त्योहार?

बलरामपुर 

बलरामपुर में मकर संक्रांति का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह ही राप्ती नदी के विभिन्न घाटों और तुलसीपुर की प्रसिद्ध शक्तिपीठ सूर्यकुंड में लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

बलरामपुर जिले में कड़ाके की ठंड के बावजूद भी लोगों ने पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना की है। लोग प्रमुख मंदिरों पर पहुंचकर पूजा पाठ कर रहे हैं। जिसमें तुलसीपुर के मां शक्तिपीठ देवी पाटन शामिल है।जिला प्रशासन ने स्नान घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की है। त्योहार की तैयारियों को लेकर पिछले कुछ दिनों से बाजारों में खासी रौनक देखी गई। जहां लोग खरीदारी करते नजर आए। परंपरा के अनुसार, लोगों ने स्नान के बाद खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया। अपने रिश्तेदारों के यहां भेंट करने के लिए भी खिचड़ी तैयार की।

इस लिए मनाया जाता है मकर संक्रांति (खिचड़ी)

यह पर्व हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार नई ऊर्जा, समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। सनातन धर्म में इस दिन के विशेष महत्व को देखते हुए स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष विधान है। मकर संक्रांति के साथ ही एक महीने से बंद मांगलिक कार्य भी पुनः प्रारंभ हो गए हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के बाद धीरे-धीरे दिन लंबे होने लगते हैं।

 

Voice Of News 24

This error message is only visible to WordPress admins

Error: No feed found with the ID 1.

Go to the All Feeds page and select an ID from an existing feed.