बलिया
बलिया जनपद के रेवती थाना क्षेत्र में ‘कामजी गोड़’ की मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पीड़ित परिवार के लिए भारी मुआवजे की मांग की है,पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के रेवती थाना क्षेत्र में ‘कामजी गोड़’ की मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पीड़ित परिवार के लिए भारी मुआवजे की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीसीटीवी फुटेज जारी करते हुए मामले में नया मोड़ ला दिया है।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, की ₹1 करोड़ की मांग
घटना के बाद समाजवादी पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके आवास पर पहुंचा। सपा जिलाध्यक्ष व विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में पहुंचे नेताओं ने शोकाकुल परिवार का दुख-दर्द साझा किया और न्याय का भरोसा दिलाया। मीडिया से बात करते हुए विधायक संग्राम सिंह यादव ने सरकार से मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें कीं:
पीड़ित परिवार को तत्काल ₹1 करोड़ का आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए।
घटना के असली दोषियों के खिलाफ अविलंब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने का आरोप, आरोपी पक्ष ने दी सफाई
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, आरोपी ग्राम प्रधान के भाई विक्की सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। विक्की सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में घसीटा जा रहा है।
अपनी बेगुनाही के समर्थन में विक्की सिंह ने दावा किया कि उनके पास घटना के दिन का पुख्ता सीसीटीवी (CCTV) फुटेज मौजूद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वारदात के समय न तो उनके भाई गांव में मौजूद थे और न ही उन्होंने पुलिस को कोई फोन कॉल किया था।
मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की गुहार
आरोपी के भाई विक्की सिंह ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा:
“हमें कानून पर पूरा भरोसा है। मुख्यमंत्री जी से हमारी मांग है कि इस मामले की दूध का दूध और पानी का पानी जैसी निष्पक्ष जांच हो, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को राजनीतिक द्वेष भावना के चलते न फंसाया जाए और जो वास्तव में दोषी हो, उसे सख्त से सख्त सजा मिले।”
निष्कर्ष
जहाँ एक ओर सपा का प्रतिनिधिमंडल घटना की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए लामबंद है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष द्वारा डिजिटल साक्ष्य (CCTV) पेश किए जाने के बाद यह मामला पेचीदा हो गया है। क्षेत्र में तनाव और राजनीतिक सरगर्मी को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है। अब देखना यह होगा कि बलिया पुलिस की जांच इन दोनों दावों के बीच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
धन उगाही के लिए बन गए “कलमकार”? UP गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत पत्रकार शिवम पाण्डेय के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई शुरू pic.twitter.com/EtpilWYwWb
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 16, 2026












