जौनपुर
जौनपुर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। खुटहन विकासखंड के इमामपुर बाजार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नाला-नाली की वर्षों से सफाई और निर्माण कार्य न होने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। खुटहन विकासखंड के इमामपुर बाजार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नाला-नाली की वर्षों से सफाई और निर्माण कार्य न होने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल जमीनी कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख नाला गाद और मलबे से पटा, नाली निर्माण कार्य भी अधर में
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने क्षेत्र की बदहाली का पूरा ब्योरा दिया:
जाम पड़ा नाला: इमामपुर बाजार स्थित शांति शिक्षण संस्थान से मुख्य मार्ग होते हुए भिखारीपुर त्रिमुहानी पुलिया तक तथा इमामपुर बॉर्डर पुलिया तक जाने वाला प्रमुख नाला लंबे समय से गाद, मिट्टी और झाड़-झंखाड़ से पूरी तरह पट चुका है।
अवरुद्ध नाली: शांति शिक्षण संस्थान से इमामपुर गांव की ओर जाने वाली पक्की नाली भी पूरी तरह चोक है।
स्वीकृत कार्य भी बंद: जंग बहादुर सोनी के घर से प्रदीप गौतम (चौकीदार) के घर तक नाली निर्माण का प्रस्ताव प्रशासनिक रूप से स्वीकृत होने के बावजूद ठेकेदार और स्थानीय प्रशासन द्वारा अब तक कार्य शुरू नहीं कराया गया है।
बरसात में घरों में घुसता है पानी, संक्रामक बीमारियों का खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि इमामपुर और आसपास के कई गांवों का बरसाती व गंदा पानी इसी प्रमुख नाले के माध्यम से गोमती नदी में गिरता है। लेकिन रास्ते में भारी अवरोध होने के कारण पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है। मानसून और भारी बारिश के दौरान यहां भयानक जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे गंदा पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। इससे न सिर्फ जान-माल के नुकसान का अंदेशा रहता है, बल्कि क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी हर समय बना रहता है।
अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप, बीडीओ की कार्यप्रणाली पर सवाल
युवा समाजसेवी सुजीत वर्मा ने प्रशासनिक उपेक्षा पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा
“आराजी संख्या 249/79डी (पुराना नंबर 125) स्थित इस नाले की सफाई हर वर्ष बरसात से पहले अनिवार्य रूप से कराई जाती थी, लेकिन इस बार सीजन बीतने को है और अब तक सफाई का काम शुरू नहीं हुआ है। हमने कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्या खंड विकास अधिकारी खुटहन क्षेत्र में किसी बड़ी अनहोनी या महामारी का इंतजार कर रहे हैं?”
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश
ग्रामीणों की इस जायज और गंभीर समस्या को जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने बेहद संवेदनशीलता से लिया। उन्होंने मौके पर ही खंड विकास अधिकारी (BDO) खुटहन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल प्रभाव से पूरे क्षेत्र में नाला-नाली की सफाई कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही डीएम ने क्षतिग्रस्त नालियों की अविलंब मरम्मत कराने तथा लंबित नाली निर्माण कार्य को युद्धस्तर पर शीघ्र प्रारंभ कराने की समय-सीमा तय की है, जिससे ग्रामीणों को इस नारकीय स्थिति से निजात मिल सके।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 16, 2026












