जौनपुर
जौनपुर जनपद की साइबर क्राइम थाना और सेल की संयुक्त पुलिस टीम को ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद की साइबर क्राइम थाना और सेल की संयुक्त पुलिस टीम को ऑनलाइन साइबर ठगी करने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के कुशल निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष “साइ-वज्र” अभियान के तहत पुलिस ने सिटी रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे से घेराबंदी कर गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से ठगी की मोटी रकम, फर्जी पहचान पत्र और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुखबिर की सटीक सूचना पर साइबर सेल और थाने की टीम ने सिटी रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को हिरासत में लेकर जब उनकी तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के जरिए अवैध रूप से अर्जित किए गए 92 हजार रुपये नकद, 10 जाली आधार कार्ड और अपराध में प्रयुक्त दो एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने ले आई, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की गई।
पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने साइबर अपराध के इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया। आरोपियों ने कुबूल किया कि वे एक बेहद संगठित और शातिर ऑनलाइन ठगी गिरोह के लिए काम करते हैं। इस गिरोह का मुख्य काम निर्दोष लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन चूना लगाना और ठगी से प्राप्त काली कमाई को अलग-अलग फर्जी बैंक खातों में मंगवाना था। इसके बाद ये आरोपी उन खातों से एटीएम के जरिए कैश निकालकर ठिकाने लगाते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। गिरोह के कुछ अन्य स्थानीय और बाहरी मददगारों की भी पहचान कर ली गई है, जिन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए पुलिस की जनता से अपील
इस बड़ी कामयाबी के बाद जौनपुर पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी (अपील) जारी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति, कॉल या मैसेज पर अपना बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी , ओटीपी या कोई भी निजी पहचान पत्र साझा न करें। यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो वह बिना वक्त गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते बैंक खातों को फ्रीज कर रकम बचाई जा सके।
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