अनूपशहर
बुलंदशहर जनपद केअनूपशहर नगर के प्रतिष्ठित डीपीबीएस पीजी कॉलेज में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद केअनूपशहर नगर के प्रतिष्ठित डीपीबीएस पीजी कॉलेज में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर जी. के. सिंह के कुशल निर्देशन में यह कार्यक्रम वाणिज्य विभाग और भारत स्काउट गाइड के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘बढ़ती जनसंख्या और आर्थिक असंतुलन’ रहा, जिस पर महाविद्यालय के प्रबुद्ध शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने गहन मंथन किया और अपने विचार साझा किए।
सीमित संसाधनों पर बढ़ रहा है दबाव: डॉ. भुवनेश कुमार
वाणिज्य विभाग के डॉ. भुवनेश कुमार ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनसंख्या वृद्धि के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या किसी भी देश के आर्थिक विकास के मार्ग में एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। हमारे प्राकृतिक और आर्थिक संसाधन सीमित हैं, जबकि उन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी असंतुलन के कारण बेरोजगारी, गरीबी और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा होती हैं। एक मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में ठोस प्रयास करने होंगे।”
युवा आबादी को कुशल बनाना अनिवार्य: डॉ. तरुण श्रीवास्तव
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए डॉ. तरुण श्रीवास्तव ने मानव संसाधन के सही उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जनसंख्या वृद्धि केवल एक संख्यात्मक समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध मानव संसाधन के कुशल प्रबंधन से है। आज देश को आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी इस विशाल युवा आबादी को उच्च शिक्षित और तकनीकी रूप से कुशल बनाएं। यदि हम इस बढ़ती जनसंख्या को ‘लायबिलिटी’ (बोझ) के बजाय ‘असेट’ (पूंजी) में बदलने में सफल रहे, तो देश का आर्थिक परिदृश्य पूरी तरह बदल सकता है।”
पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती: डॉ. विशाल शर्मा
वहीं, डॉ. विशाल शर्मा ने इसके पर्यावरणीय प्रभावों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, “बढ़ती आबादी का सीधा और नकारात्मक असर हमारे पर्यावरण व प्राकृतिक संसाधनों पर पड़ रहा है। आज जल, जमीन और स्वच्छ हवा की भारी कमी महसूस की जा रही है, जो भविष्य के लिए एक बड़े संकट का संकेत है। विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य तभी सार्थक होगा जब समाज का प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा वर्ग, छोटे परिवार के महत्व को समझेगा और जन-जागरूकता फैलाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएगा।”
भारी संख्या में मौजूद रहे शिक्षक और छात्र
इस ज्ञानवर्धक संगोष्ठी में मुख्य वक्ताओं के साथ-साथ किश्वर कुमारी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। सभी ने देश के विकास में जनसंख्या नियंत्रण और सही संसाधन प्रबंधन को बेहद जरूरी बताया।
बुलन्दशहर जनपद के ऐतिहासिक कस्बा अनूपशहर में इन दिनों प्रतिबंधित और अवैध मिट्टी खनन का काला धंधा पूरी रफ्तार से फल-फूल रहा है। क्षेत्र में मिट्टी चोरों का बोलबाला इस कदर बढ़ चुका है कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही खाकी का खौफ। pic.twitter.com/YSj9aaWy0c
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 11, 2026













