सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर: उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देश पर चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति अभियान’ के तहत जनपद सिद्धार्थनगर के महिला थाने में रविवार 05 जुलाई को एक बेहद सुखद तस्वीर सामने आई। पुलिस और काउंसलिंग टीम की सूझबूझ व अथक प्रयासों से टूटने की कगार पर पहुंच चुके 10 अलग-अलग परिवारों के आपसी मनमुटाव को दूर कराया गया।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के कुशल नेतृत्व, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई।
प्रभारी निरीक्षक व काउंसलिंग टीम की रही मुख्य भूमिका
महिला थाना प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय ने अपनी कुशल टीम के साथ मिलकर इन सभी मामलों में दोनों पक्षों (पति-पत्नी और उनके परिजनों) को आमने-सामने बिठाकर लंबी काउंसलिंग की। टीम ने बेहद संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों की गलतफहमियों और विवादों को सुलझाया।
इन 10 परिवारों की खुशियां लौटाने और गृहस्थी को बिखरने से बचाने में प्रभारी निरीक्षक भाग्यवती पाण्डेय के साथ-साथ काउंसलिंग टीम की महिला मुख्य आरक्षी (म.हे.का.) रीना रावत, महिला आरक्षी प्रियंबदा सिंह, महिला आरक्षी शिखा खरवार और महिला आरक्षी प्रगति ने अत्यंत महत्वपूर्ण व सराहनीय योगदान दिया।
इन 10 परिवारों की बची गृहस्थी सुलह का विवरण
काउंसलिंग के बाद जिन 10 लोगों/परिवारों के मामलों में सफलतापूर्वक समझौता हुआ, उनकी सूची निम्नवत है:
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- आशीष (पुत्र: अखिलेश्वर) — निवासी: बिडरा, थाना मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर।
- सुनीता (पत्नी: भोला) — निवासी: सेखुइया, थाना उसका बाजार, सिद्धार्थनगर।
- सबा खातून (पुत्री: रिजवान अहमद) — निवासी: वार्ड नं0 2, मील कालोनी बढ़नी, थाना ढेवरुआ, सिद्धार्थनगर।
- रुबी (पत्नी: नवाब अली) — निवासी: सुल्तानपुर, थाना व जनपद सिद्धार्थनगर।
- पुष्पा (पुत्री: रामकिशोर) — निवासी: छितौना, थाना बांसी, सिद्धार्थनगर।
- पुष्पा (पुत्री: रामकिशोर) — निवासी: छितौना, थाना बांसी, सिद्धार्थनगर।
- अंजना विश्वकर्मा (पत्नी: अरुण) — निवासी: तिघरा, थाना उसका बाजार, सिद्धार्थनगर।
- सोनू (पति: मनीषा) — निवासी: बनगवा पड़ाईन, थाना पथरा बाजार, सिद्धार्थनगर।
- सोनू (पत्नी: सरिता) — निवासी: सोनहा बनही जंगल, थाना सोनहा, जनपद बस्ती।
- संजय कुमार (पुत्र: प्रमोद कुमार) — निवासी: डिमनगर टोला सरौला, थाना उसका बाजार, सिद्धार्थनगर।
परिजनों ने जताया आभार
विदाई के समय महिला थाना परिसर में दोनों पक्षों के तमाम रिश्तेदार और पारिवारिक सदस्य मौजूद रहे। बिखरते घरों को एक बार फिर से हंसता-खेलता देख परिजनों की आंखें खुशी से छलक उठीं। सभी ने सिद्धार्थनगर पुलिस और महिला थाने की काउंसलिंग टीम की इस मानवीय व संवेदनशील पहल के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।












