बहजोई/संभल
उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। । पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के संभल जनपद के बहजोई थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ के गांव पंवासा में एक 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौत का खुलासा करते हुए पुलिस ने मर्डर मिस्ट्री की गुत्थी सुलझा ली है। शुरुआती जांच में जिसे आत्महत्या माना जा रहा था, वह दरअसल संपत्ति के लालच में किया गया अंधा कत्ल निकला। पुलिस ने इस मामले में मृतक के सगे चाचा और चचेरे भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मकान बेचने से मना करने पर सगे चाचा-भाई बने काल
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंवासा निवासी 22 वर्षीय परवेंद्र राघव (पुत्र स्वर्गीय अनिल कुमार) का शव उसके घर के कमरे में छत के कुंडे से लटका हुआ मिला था। घटना का सच तब सामने आया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, जिसमें साफ हुआ कि परवेंद्र की मौत फांसी लगाने से नहीं, बल्कि गला घोंटने के कारण हुई थी।
पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि परवेंद्र का अपने सगे चाचा सुनील उर्फ गिरधारी और चचेरे भाई रोहित से पैतृक मकान को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। परवेंद्र अपना मकान किसी बाहरी व्यक्ति को बेचना चाहता था, लेकिन आरोपी चाचा और भाई उस पर कम कीमत में मकान उनके नाम करने का लगातार दबाव बना रहे थे।
मिट्टी डालने के विवाद के बाद वारदात को दिया अंजाम
बीती 19 जून को घर में मिट्टी डालने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। इसी विवाद के बाद आक्रोश में आकर चाचा सुनील और चचेरे भाई रोहित ने मिलकर परवेंद्र की रस्सी से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को छुपाने और कानून को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने उसी रस्सी के सहारे शव को कुंडे से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
पहले ही दी थी जान से मारने की धमकी: जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि हत्या से कुछ समय पहले ही परवेंद्र ने पंवासा पुलिस चौकी में प्रार्थना पत्र देकर अपने चाचा और भाई पर मकान कब्जाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस जब जांच के लिए पहुंची, तो आरोपी घर से फरार मिले थे।
इकलौती संतान था मृतक परवेंद्र
मृतक परवेंद्र अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। करीब 12 साल पहले ही उसके माता-पिता की मौत हो चुकी थी, जिसके बाद उसका पालन-पोषण उसकी दादी ने किया। दादी के निधन के बाद वह रामपुर में अपनी बुआ के घर रहने लगा था और कभी-कभी अपने पैतृक गांव आता-जाता था।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का अधिकारिक खुलासा किया।
पर्याप्त और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सुनील उर्फ गिरधारी और उसके बेटे रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है। उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह की तहरीर पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मर्डर का मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
बुलंदशहर जनपद के खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहाँ सिद्धेश्वर मंदिर के निकट स्थित महेश वाटिका के पास एक खाली प्लॉट में पेड़ के नीचे एक अज्ञात युवक का लहूलुहान शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है pic.twitter.com/kUbiNfX1Q1
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 22, 2026













