बुलंदशहर
बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के एक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने पति को दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और सास-ससुर को उत्पीड़न का दोषी पाते हुए 2-2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
कार की मांग को लेकर बेटी को फंदे पर लटकाया था
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवेन्द्र सिंह लोधी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नरौरा थाना क्षेत्र के रेतागढ़ (माजरा नौदेई बांगर) निवासी वासुदेव सिंह ने अपनी पुत्री सर्वेश की शादी 19 फरवरी 2018 को डिबाई थाना क्षेत्र के प्रकाशपुर निवासी तालेवर सिंह (पुत्र गजराज सिंह) के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी। पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर करीब 8 लाख रुपये खर्च कर दान-दहेज दिया था।
सर्वेश का एक 3 वर्ष का बेटा देवराज भी था। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और लगातार कार की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर सर्वेश का शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। अंततः 16 सितंबर 2022 को ससुरालियों ने सर्वेश की बेरहमी से पिटाई की और उसे फंदे से लटकाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतका के पिता ने 17 सितंबर 2022 को डिबाई कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस जांच में जेठ-जेठानी पाए गए थे निर्दोष
विवेचना के दौरान पुलिस ने सर्वेश के जेठ महेंद्र सिंह और जेठानी मीना देवी को इस पूरी घटना और साजिश से अलग (निर्दोष) पाया। पुलिस ने जांच पूरी कर अदालत में केवल पति तालेवर सिंह, ससुर गजराज सिंह और सास जानकी देवी के खिलाफ ही आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
अदालत का फैसला: पति जेल भेजा गया, सास-ससुर को मिली जमानत
मामले की अंतिम सुनवाई एडीजे राजेश सिंह (तृतीय) की अदालत में संपन्न हुई। पत्रावली पर उपलब्ध पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया:
पति तालेवर सिंह: अदालत ने पति को दहेज हत्या का मुख्य दोषी मानते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹20,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा के बाद दोषी पति को तुरंत कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया।
सास जानकी देवी व ससुर गजराज सिंह: अदालत ने सास-ससुर को हत्या की धारा से अलग रखते हुए विवाहिता के उत्पीड़न का दोषी पाया। उन्हें 2 वर्ष के कारावास और ₹10,000 अर्थदंड की सजा सुनाई गई। कम अवधि की सजा होने के कारण अदालत ने दोनों को मौके पर ही जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए।
बिजली विभाग में की चली तबादला एक्सप्रेस pic.twitter.com/xY7xqaQOJL
— Voice of News 24 (@VOfnews24) May 22, 2026






















