बांसी
सिद्धार्थनगर में शासन की मंशा के अनुरूप सरकारी परियोजनाओं को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। इसी क्रम में गुरुवार को सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बांसी स्थित निर्माणाधीन उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय भवन का औचक स्थलीय निरीक्षण किया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर में शासन की मंशा के अनुरूप सरकारी परियोजनाओं को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। इसी क्रम में गुरुवार को सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने बांसी स्थित निर्माणाधीन उपनिबंधक (सब-रजिस्ट्रार) कार्यालय भवन का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने निर्माण कार्य की कछुआ गति और बारीकियों को परखते हुए कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण में पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
भवन के कोने-कोने को परखा, मानकों पर मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने निर्माणाधीन भवन के विभिन्न हिस्सों, कमरों और गलियारों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अभियंतों और अधिकारियों से निर्माण की वर्तमान भौतिक प्रगति, अब तक उपयोग की गई निर्माण सामग्री (ईंट, सीमेंट, मौरंग) की गुणवत्ता और कार्य पूर्ण होने की अंतिम समयसीमा (डेडलाइन) के बारे में विस्तृत जवाब-तलब किया।
डीएम ने कड़े लहजे में कहा, “सरकारी धन का सदुपयोग होना चाहिए। निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही, घटिया सामग्री का प्रयोग या तय मानकों से समझौता कतई स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य शासन द्वारा निर्धारित तकनीकी मानदंडों के अनुरूप ही होने चाहिए।”
पारदर्शिता के लिए ‘थर्ड पार्टी’ से जांच कराने का सख्त आदेश
भवन निर्माण में पूरी तरह निष्पक्षता और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने मौके पर ही एक बड़ा निर्देश जारी किया। उन्होंने अधिकारियों को इस निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी सत्यापन कराने के आदेश दिए।
डीएम ने इसके पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए बताया
पारदर्शिता और निष्पक्षता: एक स्वतंत्र और निष्पक्ष तकनीकी एजेंसी द्वारा गुणवत्ता का परीक्षण कराने से कार्य में पारदर्शिता बनी रहती है। इससे वास्तविक स्थिति का सही आकलन होता है और भविष्य में भवन में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी, दरारें या भ्रष्टाचार की शिकायत की संभावना समाप्त हो जाती है।
केवल औपचारिकता नहीं, जनता की सुविधा का माध्यम हैं सरकारी भवन
जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि सरकारी भवनों का निर्माण केवल एक कागजी औपचारिकता या बजट खपाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आम जनता को सुलभ सुविधाएं देने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित डिजिटल और भौतिक निगरानी की जाए और उसकी प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर जिला मुख्यालय को प्रेषित की जाए।
निरीक्षण के दौरान बस्ती मंडल के आला अधिकारी रहे मौजूद
डीएम के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपमहानिरीक्षक निबंधक बस्ती मंडल शशि भानु मिश्र, सहायक महानिरीक्षक निबंधक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह और स्थानीय उप निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) बांसी राकेश राम सहित राजस्व और निर्माण से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी व विधिक विंग के कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मौके पर मौजूद उच्च अधिकारियों ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ भवन का कार्य पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
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