बागपत: सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़का विश्वकर्मा ब्राह्मण समाज; कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, कठोर कार्रवाई की मांग

बागपत

बागपत जनपद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा दिल्ली के एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समुदाय, महिलाओं और सनातन धर्म के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जनपद के विश्वकर्मा वैदिक ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बागपत जनपद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा दिल्ली के एक कार्यक्रम में ब्राह्मण समुदाय, महिलाओं और सनातन धर्म के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जनपद के विश्वकर्मा वैदिक ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। सोमवार को समाज के पदाधिकारियों और प्रबुद्ध वर्ग ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक 6 सूत्रीय शिकायती ज्ञापन सौंपकर सपा प्रवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा आक्रोश

सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, बीती 05 मई 2026 को दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न टीवी चैनलों पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप है कि इस कार्यक्रम में मंच से बोलते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने ब्राह्मण समुदाय और महिलाओं को लेकर बेहद अशोभनीय, अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण भला न वैश्या इनमें भला न कोई, कोई-कोई वैश्या तो भली ब्राह्मण भला न कोई।” इस बयान के सामने आने के बाद से ही संपूर्ण देश के ब्राह्मण समाज और सनातन धर्मावलंबियों में भारी रोष है।

महान संतों और राष्ट्र निर्माताओं का हुआ अपमान

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजकुमार भाटी का यह कृत्य न केवल ब्राह्मण कुल, बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति और नारी शक्ति का घोर अपमान है। वक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वकर्मा वैदिक ब्राह्मण कुल में महर्षि अंगीरा, भगवान परशुराम, महर्षि मनु, महर्षि मय, महर्षि त्वष्टा, महर्षि देवज्ञ, रामायण कालीन नल-नील, आदि गुरु शंकराचार्य, गुरु कृपाचार्य, पोटूलरी वीर ब्रह्मेंद्र स्वामी, स्वामी कल्याणदेव महाराज, स्वामी भीष्मदेव महाराज और गायत्री पीठ हरिद्वार के संस्थापक आचार्य श्रीराम शर्मा जैसे महान आचार्यों, संतों और मनीषियों ने जन्म लेकर देश व सनातन धर्म की रक्षा की है।

विश्वकर्मा वैदिक ब्राह्मण समाज, पंचाल ब्राह्मण, जांगिड़ ब्राह्मण, धीमान ब्राह्मण, टांक ब्राह्मण, मैथिल ब्राह्मण, झा ब्राह्मण और ओझा ब्राह्मण हमेशा से भारतीय संस्कृति, ज्ञान, शिक्षा, विज्ञान, शिल्प, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण की गौरवशाली परंपरा का एक महत्वपूर्ण और अटूट अंग रहे हैं। ऐसे महान समाज के प्रति इतनी घृणित टिप्पणी करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सामाजिक वैमनस्य और आपसी द्वेष फैलाने का आरोप

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने सस्ती लोकप्रियता और पब्लिसिटी पाने के लिए जानबूझकर यह अमर्यादित बयान दिया है। अब कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर इस आपत्तिजनक बयान का समर्थन कर समाज में जातीय और सामाजिक वैमनस्य (कड़वाहट) फैलाना चाहते हैं। इस बयान से विश्वकर्मा वैदिक ब्राह्मण समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे समाज में तनाव और आपसी द्वेष की स्थिति उत्पन्न होने की प्रबल संभावना बन गई है।

संविधान के विपरीत कृत्य, तत्काल हो गिरफ्तारी

ब्राह्मण समाज के नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में किसी भी जाति, वर्ग, धर्म अथवा समुदाय के विरुद्ध इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी करना भारतीय संविधान की मूल भावना के पूरी तरह विपरीत है। महामहिम राष्ट्रपति से गुहार लगाते हुए मांग की गई है कि कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आरोपी प्रवक्ता राजकुमार भाटी के विरुद्ध विधि सम्मत धाराओं में तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई कर उन्हें दंडित किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो समाज राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होगा।

 

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