राजघाट : पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत

डिबाई (बुलंदशहर)

बुलंदशहर जनपद के डिबाई क्षेत्र अंतर्गत राजघाट स्थित कल्याण आश्रम में सुहागिन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत,पूजा-अर्चना कर पति के लंबे आयु की कामना की। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलदशहर जिले के डिबाई के राजघाट स्थित कल्याण आश्रम में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री का व्रत रखा। यह व्रत पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए विधि-विधान से किया गया।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह व्रत माता सावित्री और सत्यवान की कहानी पर आधारित है। सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और बुद्धिमत्ता से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से पति की रक्षा के लिए यह व्रत रखने की परंपरा है।

इस व्रत में वट (बरगद) के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास होता है। यह भी माना जाता है कि इसी वृक्ष के नीचे यमराज ने सत्यवान को जीवनदान दिया था, इसलिए इसे दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

व्रत के अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रूप से सोलह श्रृंगार किया। वे वट वृक्ष के पास एकत्रित हुईं और पेड़ की जड़ में जल, मौसमी फल तथा मिष्ठान अर्पित किए। इसके बाद, महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर सुख-समृद्धि की कामना के साथ परिक्रमा की।

पूजा के समापन पर, सभी महिलाओं ने एक साथ बैठकर सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी और अपने परिवार के कल्याण की प्रार्थना की।

 

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