बुलंदशहर: जिरौली स्वास्थ्य केंद्र में रात को नहीं ठहरते डॉक्टर, करोड़ों की बिल्डिंग बनी ‘सफेद हाथी’, ग्रामीण परेशान

दानपुर

बुलंदशहर जनपद के दानपुर ब्लॉक अंतर्गत न्याय पंचायत जिरौली स्थित प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के दानपुर ब्लॉक अंतर्गत न्याय पंचायत जिरौली स्थित प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी बदहाली और अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है। डॉक्टरों और स्टाफ के रहने के लिए बनी करोड़ों की फ्लैट बिल्डिंग खाली पड़ी है, जिसके कारण क्षेत्रीय ग्रामीणों को रात के समय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

लाखों की बिल्डिंग, पर रात में इलाज शून्य

ग्रामीणों का आरोप है कि शासन द्वारा स्वास्थ्य केंद्र परिसर में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के रहने के लिए आधुनिक फ्लैट और आवास बनाए गए हैं। लेकिन विडंबना यह है कि यहाँ डॉक्टर से लेकर चपरासी तक कोई भी रात्रि में प्रवास नहीं करता।

इमरजेंसी में मुसीबत: रात के समय यदि किसी ग्रामीण या बच्चे की तबीयत अचानक खराब हो जाए, तो अस्पताल में कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं मिलता। मजबूरी में लोगों को निजी क्लीनिकों या दूर-दराज के अस्पतालों की ओर भागना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

जर्जर बाउंड्रीवाल और आवारा पशुओं का बसेरा

अस्पताल परिसर की स्थिति भी बेहद दयनीय हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की मुख्य बिल्डिंग धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है।

परिसर की बाउंड्रीवाल पूरी तरह टूट चुकी है, जिसके कारण अस्पताल परिसर में दिन-रात गाय, कुत्ते और अन्य आवारा पशु घूमते रहते हैं।

पशुओं के कारण परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे यहाँ आने वाले मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, प्रशासन से की मांग

इस अव्यवस्था को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्राम प्रधान राजपाल सिंह, पूर्व प्रधान रामकिशन शर्मा, पूर्व प्रधान राहुल जी, यशपाल चौहान, ग्राम कोटा के धनपाल सिंह और छत्रपाल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्र में रात्रि कालीन सेवा के लिए कम से कम एक डॉक्टर और आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए।जर्जर भवन और बाउंड्रीवाल की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

सीएमओ का आश्वासन

इस गंभीर समस्या के संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी  नवल किशोर से बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा और स्वास्थ्य केंद्र के सुदृढ़ीकरण व स्टाफ की तैनाती के लिए आवश्यक प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

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