बुलंदशहर: बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को उम्रकैद, जज बोले रिश्तों को कलंकित करने वाला समाज के लिए कैंसर के समान

बुलंदशहर

बुलंदशहर जनपद में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद संगीन मामले में बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक बेहद संगीन मामले में बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने अपना कड़ा फैसला सुनाया है। डिबाई क्षेत्र में अपनी ही 14 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले कलयुगी पिता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनीत चौधरी ने इस मामले में न केवल सजा सुनाई, बल्कि आरोपी के खिलाफ बेहद सख्त टिप्पणी भी की।

समाज से काटकर अलग करना ही उचित

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश विनीत चौधरी ने अपनी टिप्पणी में कहा पिता और पुत्री का रिश्ता अत्यंत पवित्र होता है, जिसे इस व्यक्ति ने कलंकित किया है। ऐसा अपराधी समाज के लिए उस कैंसर के समान है, जिसे काटकर समाज से अलग करना ही मानवता के हित में है।

अदालत के इस कड़े रुख को समाज में बढ़ रहे इस प्रकार के जघन्य अपराधों के खिलाफ एक निर्णायक संदेश माना जा रहा है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह झकझोर देने वाली घटना 6 अप्रैल 2021 को हुई थी। 14 वर्षीय पीड़िता अपनी मां के साथ खेत में चारा लेने गई थी। इसी दौरान आरोपी पिता वहां पहुंचा और किशोरी को जबरन अपने साथ घर ले गया। घर में अकेला पाकर उसने अपनी ही बेटी के साथ दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष लोक अभियोजक महेश राघव ने अदालत में प्रभावी पैरवी की। उन्होंने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट सहित तमाम वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूती से पेश किया। अदालत ने इन साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा के साथ आर्थिक दंड से भी दंडित किया।

इस फैसले के बाद कानूनी गलियारों और समाज में चर्चा है कि पॉक्सो कोर्ट ने पीड़िता को न्याय दिलाकर यह साफ कर दिया है कि मानवता के खिलाफ क्रूरता करने वालों के लिए कानून में कोई जगह नहीं है। यह निर्णय ऐसे अपराधियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो पारिवारिक और सामाजिक सुरक्षा के घेरे को तोड़ते हैं।

 

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