जौनपुर
जौनपुर जनपद के बुधवार को मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि भीषण गर्मी की तपिश ओलों की बौछारों के बीच गायब हो गई।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के बुधवार को मौसम ने ऐसा विकराल रूप दिखाया कि भीषण गर्मी की तपिश ओलों की बौछारों के बीच गायब हो गई। पिछले एक सप्ताह से 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर चल रहे पारे के बीच दोपहर बाद आए भीषण अंधड़, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
आसमान से बरसे 50 ग्राम के ओले
दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक धूल भरी आंधी चली और दिन में ही अंधेरा छा गया। इसके बाद करीब 50 ग्राम तक वजन वाले बड़े ओले गिरने शुरू हो गए। ओलावृष्टि इतनी भीषण थी कि टीन शेड वाले मकानों और सड़कों पर खड़े वाहनों को काफी क्षति पहुँची। अचानक आए इस बदलाव से सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए।
बिजली आपूर्ति ठप, फसलों पर कुदरत की मार
करीब 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जिले की बिजली व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे पूरा जिला अंधेरे में डूब गया। किसानों के लिए यह मौसम आफत बनकर आया है; ओलावृष्टि से आम की फसल और जायद की सब्जियों को भारी नुकसान पहुँचा है।
तापमान में गिरावट और प्रशासनिक अलर्ट
मौसम के इस मिजाज से अधिकतम तापमान गिरकर 39 डिग्री और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। प्रशासन ने आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के चलते अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या टावरों के पास न खड़े हों। एक ओर जहां झुलसाती गर्मी से लोगों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदा ने जिले को बड़े आर्थिक नुकसान की दहलीज पर खड़ा कर दिया है।
महराजगंज उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बुधवार की शाम बड़ी राहत लेकर आई। प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी में भी मौसम ने अचानक करवट बदली। यहाँ तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश और बड़े-बड़े ओलों ने न केवल तापमान pic.twitter.com/lDk05MZtAs
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 29, 2026






















