UP में मौसम का यू-टर्न: भीषण गर्मी के बीच ठूठीबारी में गिरे ‘आसमान से ओले’, 50 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

महराजगंज

महराजगंज उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बुधवार की शाम बड़ी राहत लेकर आई। प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी में भी मौसम ने अचानक करवट बदली ।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


महराजगंज उत्तर प्रदेश में भीषण उमस और तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए बुधवार की शाम बड़ी राहत लेकर आई। प्रदेश के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी में भी मौसम ने अचानक करवट बदली। यहाँ तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश और बड़े-बड़े ओलों ने न केवल तापमान गिरा दिया, बल्कि लोगों को चिलचिलाती गर्मी से सुकून भी दिया।

ठूठीबारी में ओलों की बारिश से मचा हड़कंप

सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी और आसपास के इलाकों में शाम करीब 5 बजे अचानक आसमान में काली घटाएं छा गईं। देखते ही देखते करीब 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस दौरान बर्फ के बड़े-बड़े गोले (ओले) गिरने से लोग चौंक गए। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से जनजीवन कुछ देर के लिए थम गया, लेकिन महीनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को तात्कालिक राहत मिली है।

प्रदेश भर में तबाही और राहत का मंजर
सिर्फ महराजगंज ही नहीं, बल्कि प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ और सुल्तानपुर में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया।

सुल्तानपुर: यहाँ आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बने टोल प्लाजा की छत उड़ गई।

तापमान में गिरावट

पिछले कई दिनों से पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार चल रहा था, लेकिन इस बारिश के बाद तापमान में 3-4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है।

क्यों बदला मौसम? मौसम विभाग की राय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण यह बदलाव देखने को मिला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आने वाले अगले 4-5 दिनों तक मौसम का रुख ऐसा ही बना रह सकता है।

प्रशासन की अपील

खराब मौसम और तेज आंधी की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने आमजन से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषकर किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और आम नागरिकों को जर्जर इमारतों या पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी गई है।

 

 

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