गुलावठी
बुलंदशहर जनपद के गुलावठी क्षेत्र में एक संविदा लाइनमैन के हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने के बाद सोमवार को गुस्सा फूट पड़ापूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद के गुलावठी क्षेत्र में एक संविदा लाइनमैन के हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने के बाद सोमवार को गुस्सा फूट पड़ा। पीड़ित लाइनमैन रविंद्र के परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने सिकंद्राबाद रोड स्थित बिजली घर का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
शटडाउन के बावजूद आया करंट, नोएडा में भर्ती
ईसापुर निवासी रविंद्र के परिजनों का आरोप है कि कार्य के दौरान रविंद्र ने बाकायदा शटडाउन लिया था। इसके बावजूद लाइन में करंट दौड़ गया, जिससे वह बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर गए।
हालत नाजुक: रविंद्र वर्तमान में नोएडा के एक निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
गंभीर चोटें: परिजनों के अनुसार, करंट की चपेट में आने और गिरने से रविंद्र की रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गई है, जिससे उनके भविष्य में पूरी तरह स्वस्थ होने पर संशय बना हुआ है।
बीमार पत्नी ने दरी पर लेटकर लगाई न्याय की गुहार
प्रदर्शन के दौरान भावुक कर देने वाला मंजर तब दिखा जब रविंद्र की पत्नी मीरा खुद बीमार होने के बावजूद धरने में शामिल हुईं। मीरा का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है, लेकिन पति की हालत देख वह न्याय के लिए बिजली घर की दरी पर लेट गईं।
सरकारी नौकरी: पीड़ित के बेटे को विभाग में सरकारी नौकरी दी जाए।
इलाज का खर्च: रविंद्र के उपचार का पूरा खर्च बिजली विभाग वहन करे।
जीवनयापन भत्ता: परिवार के पालन-पोषण के लिए आर्थिक सहायता/भत्ता प्रदान किया जाए।
दोषियों पर कार्रवाई: लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
दो फीडरों की बिजली ठप, अधिकारियों से तीखी नोकझोंक
आक्रोशित ग्रामीणों ने धरने पर बैठने से पहले दो फीडरों की बिजली आपूर्ति बंद करा दी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर किसी बड़े अधिकारी के न होने से ग्रामीण और भड़क गए। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग के जिम्मेदार लोग मौके पर आकर स्थिति स्पष्ट करें।
विभाग का आश्वासन
देर से पहुंचे विद्युत एसडीओ यशपाल सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा रविंद्र के परिजनों ने जो मांग-पत्र दिया है, उसे उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। विभाग पूरी तरह से रविंद्र के परिवार के साथ खड़ा है और उनकी जायज मांगों को पूरा कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल, विभाग के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।
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