सिद्धार्थनगर: भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकने के लिए प्रशासन सख्त; कलेक्ट्रेट में DM और SSP ने की उच्चस्तरीय बैठक

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर जनपद के भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से आज गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी और एसएसपी ने एसएसबी  और कस्टम विभाग के अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा पार से होने वाली मादक पदार्थों, उर्वरकों और अन्य वस्तुओं की तस्करी को रोकने के लिए सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल और बेहतर सूचना तंत्र के साथ कार्य करना होगा।

प्रभावी रोकथाम हेतु दिए गए कड़े निर्देश

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने तस्करी रोकने के लिए मुख्य दिशा-निर्देश दिए:

सघन चेकिंग अभियान: सीमा से सटे रास्तों और पगडंडियों पर गश्त बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन तलाशी लेने के निर्देश।

तकनीकी निगरानी: संवेदनशील पॉइंट पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने को कहा गया।

कठोर कार्रवाई: तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोरतम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश।

एसएसपी ने पुलिस टीम को निर्देशित किया कि बॉर्डर से सटे थानों की पुलिस एसएसबी के साथ मिलकर समय-समय पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाए। बैठक का मुख्य लक्ष्य सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करना है।

इस अवसर पर एसएसबी के कमांडेंट, कस्टम अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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