बलरामपुर
बलरामपुर जनपद के तराई क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलरामपुर जनपद के तराई क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। भाभर रेंज और आसपास के गांवों में तेंदुए की सक्रियता की पुष्टि के बाद वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे गश्त और आधुनिक उपकरणों से निगरानी की जा रही है।
ड्रोन से निगरानी और कॉम्बिंग अभियान
तेंदुए की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए वन विभाग ने ड्रोन कैमरे और कैमरा ट्रैप का जाल बिछाया है। रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सडवा जैसे संवेदनशील गांवों में विभाग की विशेष टीमें सुबह-शाम नियमित रूप से कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं। बनगंवा के पास तेंदुए के ताज़ा पगमार्क मिलने के बाद इलाके में सतर्कता और अधिक बढ़ा दी गई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जागरूकता
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पचपेड़वा, गैसड़ी, हरैया सतघरवा और तुलसीपुर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व सचिवों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने वन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से काम करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले खेतों की ओर न जाएं और सतर्क रहें।
सुरक्षा के लिए विशेष टीमें गठित
वन विभाग ने भाभर रेंज के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है, जो प्रभावित गांवों के 5-6 किलोमीटर के दायरे में लगातार पैदल ट्रैकिंग कर रही हैं। वन्यजीवों के मूवमेंट को ट्रैक करने के साथ-साथ ग्रामीणों को बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बिहार में ऐतिहासिक बदलाव: 75 साल बाद भाजपा का मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी के नाम पर लगी मुहर
— Voice of News 24 (@VOfnews24) April 14, 2026























