बांकेगंज: कूड़े के ढेर में तब्दील हुआ सिसनौर का ‘आरआरसी सेंटर’, सफाईकर्मियों की लापरवाही से ग्रामीण बेहाल

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए लाखों की लागत से बनाए गए आरआरसी खुद गंदगी का केंद्र बन गए हैं। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

 

लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गांवों को स्वच्छ बनाने के लिए लाखों की लागत से बनाए गए आरआरसी खुद गंदगी का केंद्र बन गए हैं। जनपद के बांकेगंज ब्लॉक अंतर्गत सिसनौर मजरा कुकू हापुर गांव में स्थित कचरा निस्तारण केंद्र परिसर इन दिनों कूड़े के पहाड़ में तब्दील हो चुका है, जिससे सरकार की ‘स्वच्छ भारत मिशन’ योजना को पलीता लग रहा है।

वेतन पूरा, काम अधूरा: सफाईकर्मियों पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सफाईकर्मी हर महीने शासन से अपना नियत वेतन तो ले रहे हैं, लेकिन धरातल पर सफाई कार्य शून्य है। सुजीत कुमार, राम कुमार, शिवपुर लाल और मुकेश कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि गीले और सूखे कचरे को अलग करने के बजाय, पूरे परिसर को डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। आलम यह है कि केंद्र से उठने वाली भीषण दुर्गंध के कारण राहगीरों का वहां से गुजरना भी दूभर हो गया है।

जिम्मेदार मौन, संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

हैरानी की बात यह है कि इस केंद्र पर विभागीय अधिकारियों का आवागमन बना रहता है, फिर भी किसी की नजर इस बदहाली पर नहीं पड़ती। गंदगी के इस अंबार से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो वे उच्चाधिकारियों से इसकी लिखित शिकायत करेंगे।

ग्राम प्रधान ने दी चेतावनी

इस गंभीर समस्या को लेकर जब ग्राम प्रधान मनीष कुमार से बात की गई, तो उन्होंने ग्रामीणों की नाराजगी को जायज ठहराया। प्रधान ने सफाईकर्मियों को सख्त हिदायत देते हुए आश्वासन दिया कि उनकी कार्यशैली में तत्काल सुधार लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी ताकि गांव की स्वच्छता व्यवस्था पुनः बहाल हो सके।

 

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