महराजगंज
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा बड़ी संख्या में आइपीएस अधिकारियों के हुए तबादले की लिस्ट में महराजगंज के पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना का भी नाम शामिल था। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा बड़ी संख्या में आइपीएस अधिकारियों के हुए तबादले की लिस्ट में महराजगंज के पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीना का भी नाम शामिल था। जिन्हें अब रामपुर जिले की कमान सौंपी गई है। वहीं, नोएडा में डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी को अब महराजगंज जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यहां जानिए कौन है शक्ति मोहन अवस्थी?
शक्ति मोहन अवस्थी का जन्म 7 जून 1993 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में हुआ। उनके पिता का नाम शील मोहन अवस्थी है। लखनऊ से ही अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बीआईटी मेसरा (BIT Mesra, झारखंड) से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की दिशा बदलने का फैसला किया और ठान लिया कि उन्हें IPS अधिकारी बनना है।
प्रयासों की लगाएं हैट्रिक, हासिल हुई सफलता
शक्ति मोहन अवस्थी ने UPSC सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी शुरू की और अपने पहले ही प्रयास में प्रीलिम्स और मेन्स दोनों क्लियर कर लिए, लेकिन इंटरव्यू में रह गए। दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS) में चयन हुआ, लेकिन उनका सपना तो IPS बनने का था, इसलिए उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में आखिरकार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 154 हासिल की और अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।
इंटरव्यू में पूछा गया 3 Idiots फिल्म का सवाल, पैनलिस्ट भी लगानें लगें ठहाके
शक्ति मोहन के इंटरव्यू का एक वाकया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहता है। इंटरव्यू के दौरान पैनलिस्ट ने उनसे कहा, आपका चेहरा तो बॉलीवुड एक्टर शरमन जोशी जैसा लगता है, क्या आपने 3 Idiots देखी है? शक्ति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, जी हां, देखी है। फिर पैनल ने उनसे कहा- तो बताइए, उस फिल्म में शरमन जोशी का इंटरव्यू सीन कैसे था? शक्तिमोहन ने पूरी सीन एक्टिंग के साथ सुनाई और अंत में वही डायलॉग बोल दिया- “You keep your job, I keep my attitude!” पूरा पैनल हंस पड़ा, लेकिन शक्ति के लिए यह पल थोड़ा डरावना भी था। उन्हें लगा कि शायद अब सिलेक्शन मुश्किल हो जाएगा, पर किस्मत ने उनका साथ दिया, उन्हें इंटरव्यू में 190 मार्क्स मिले और वे फाइनल लिस्ट में शामिल हो गए।
IAS डॉ पूजा अवस्थी के साथ लिए सात फेरे, बनाया जीवनसाथी
IPS शक्ति मोहन अवस्थी की पत्नी डॉ पूजा अवस्थी खुद एक IAS अधिकारी हैं। उन्होंने UPSC 2021 में ऑल इंडिया रैंक 42 हासिल की थी। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले पूजा अवस्थी 2018 में IPS के तौर पर भी सेलेक्ट हो चुकी थीं, तब उन्हें AIR 147 मिली थी। इस तरह यह कपल सचमुच यूपीएससी पावर कपल कहलाता है।
चोर-सिपाही के खेल से आइपीएस तक का सफर
शक्ति मोहन अवस्थी की कहानी एक बच्चे के सपने से शुरू होती है और एक युवा के संघर्ष से होते हुए एक आईपीएस अधिकारी की प्रेरणादायक यात्रा तक पहुंचती है। 25 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर नोएडा के डीसीपी क्राइम बनने वाले शक्ति मोहन ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया और उन्हें पार किया है।
शक्ति मोहन अवस्थी का बचपन चोर-पुलिस के खेल से शुरू हुआ। इसमें वह हमेशा पुलिस बनना पसंद करते थे। यह खेल उनके जीवन का हिस्सा बन गया और उन्होंने इसे अपने करियर का लक्ष्य बना लिया। फिर 25 साल की उम्र में शक्ति ने यूपीएससी परीक्षा पास कर अपने सपने को साकार किया और नोएडा के डीसीपी क्राइम बन गए। जिन्हें अब रामपुर जनपद के बाद महराजगंज जनपद की प्रशासनिक बागडोर थामा दी गई है।
कैसे की यूपीएससी की तैयारी?
शक्ति मोहन का मानना है कि सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए स्ट्रैटेजी और टारगेट बेस्ड पढ़ाई बहुत जरूरी है। उन्होंने कभी भी घंटों के हिसाब से पढ़ाई नहीं की, बल्कि हर दिन का एक टारगेट फिक्स किया। उनका सुझाव है कि यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी पढ़ाई को घंटों के हिसाब से न करें, बल्कि अपने लिए हर रोज़ का एक टारगेट बनाएं।
40 हजार करोड़ के जीएसटी स्कैम का खुलासा
नोएडा में डीसीपी क्राइम के रूप में अपनी पोस्टिंग के दौरान, शक्ति मोहन ने 40,000 करोड़ रुपए के जीएसटी स्कैम का खुलासा किया। इस घोटाले में कई लोगों को जेल हुई और शक्ति मोहन के काम को बहुत सराहा गया। उन्हें कई अप्रीसिएशन अवार्ड्स भी भेंट किया गया, जो उनके हौसलों को बुलंद करने में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
आजमगढ़ में की लाइब्रेरी की स्थापना
शक्ति मोहन का जीवन सिर्फ एक पुलिस अफसर बनने और वाहवाही लूटने तक ही सीमित नहीं रहा है,बल्कि वह अन्य लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने का भी हमेशा प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने आजमगढ़ में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की थी। उनका मानना है कि बच्चों को पढ़ने के लिए एक बेहतर जगह मिलनी चाहिए ताकि वे भी देश की सेवा करने के लिए तैयार हो सकें।
शक्ति मोहन का मानना है कि पुलिस के साथ आम लोगों का रिश्ता दोस्ती का होना चाहिए। उनके पास अगर कोई पीड़ित अपनी शिकायत लेकर आता है तो वह खाली हाथ नहीं लौटता। या तो समस्याएं खत्म हो जाती हैं या खत्म होने का रास्ता मिल जाता है।
शक्ति मोहन अवस्थी की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनकी मेहनत, लगन और समर्पण ने उन्हें एक सफल आईपीएस अधिकारी बनाया।
मुजफ्फरनगर: मौत को छूकर निकली जिंदगी! ओवरलोडेड डंपर ने बाइक सवारों को रौंदा, चमत्कारिक रूप से बची जान pic.twitter.com/dvFqdy2AcF
— Voice of News 24 (@VOfnews24) March 31, 2026





















