ठूठीबारी: शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिन दीपदान से आलोकित हुआ काली मंदिर परिसर

महराजगंज

महराजगंज भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी के प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में चल रहे ‘श्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ’ के सातवें दिन आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज भारत-नेपाल सीमा पर स्थित ठूठीबारी के प्रसिद्ध काली मंदिर परिसर में चल रहे ‘श्री श्री 108 श्री शतचंडी महायज्ञ’ के सातवें दिन आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बुधवार की संध्या को पूरा यज्ञ पंडाल हजारों दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह अलौकिक और भक्तिमय हो गया।

मंत्रोच्चार के बीच प्रज्ज्वलित हुए दीप

यज्ञ के सातवें दिन विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए। कार्यक्रम के मुख्य आचार्य कृष्णा पाठक ने दीपदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आस्था और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीप प्रज्ज्वलन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और परिवार में सुख-समृद्धि के साथ-साथ मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

लोककल्याण के लिए उमड़ा जनसैलाब

मंदिर कमेटी और आयोजकों ने बताया कि इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य लोककल्याण और क्षेत्र की शांति है। दीपदान उत्सव में विशेष रूप से हजारों की संख्या में महिलाओं और बच्चियों ने प्रतिभाग किया, जिससे पूरा परिसर दीपों की कतारों से सज गया। श्रद्धालुओं ने कहा कि यज्ञ की पवित्र अग्नि और दीपों की रोशनी से मन को असीम शांति की अनुभूति हो रही है। इस दिव्य आयोजन से पूरे ठूठीबारी क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।

 

Voice Of News 24