सिद्धार्थनगर: मोगिस हॉस्पिटल में अनियमितताओं की भरमार, स्वास्थ्य विभाग ने 3 दिन में मांगा जवाब

सिद्धार्थनगर  

सिद्धार्थनगर जनपद के मोहाना चौराहे पर संचालित मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक और आसपास के अवैध जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


सिद्धार्थनगर जनपद के मोहाना चौराहे पर संचालित मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक और आसपास के अवैध जांच केंद्रों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। समाचार पत्रों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें पंजीकरण की शर्तों के उल्लंघन और कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

निरीक्षण में खुली पोल

जांच टीम को मौके पर पता चला कि 10 बेड के नाम पर पंजीकृत यह अस्पताल नियमों के विरुद्ध दो अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा है। इसके अलावा अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर (कंप्यूटेड रेडियोग्राफी) मशीनें भी चलती मिलीं, जिनके लिए वैध लाइसेंस और मानकों का होना अनिवार्य है। टीम में शामिल डॉ. अनूप जायसवाल और अन्य अधिकारियों ने इन मशीनों के संचालन और दो भवनों के उपयोग पर अस्पताल प्रबंधन से तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है।

अवैध पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड पर सवाल

निरीक्षण के दौरान मोगिस हॉस्पिटल पर तो शिकंजा कसा गया, लेकिन पास ही संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच न होने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ये दोनों केंद्र बिना किसी वैध पंजीकरण के एक नेटवर्क की तरह काम कर रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में है।

कार्रवाई का इंतजार

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अनियमितताएं मौके पर ही स्पष्ट थीं, तो अस्पताल को केवल नोटिस देकर क्यों छोड़ा गया? जनता अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रही है। विभाग का कहना है कि प्रबंधन के जवाब के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। अब देखना यह है की इस रिपोर्ट के बाद क्या स्वास्थ्य विभाग इन अवैध जांच केंद्रों पर भी ताला लगाएगा या मामला फाइलों में ही दबा रह जाएगा।

 

Voice Of News 24