बलिया: बौद्ध विरासत स्थल से छेड़छाड़ पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

बलिया

बलिया जनपद के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव में स्थित अति प्राचीन बौद्ध विरासत स्थल डीह में तोड़-फोड़ और कब्जे की कोशिश को लेकर शुक्रवार को भारी बवाल हुआ।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव में स्थित अति प्राचीन बौद्ध विरासत स्थल डीह में तोड़-फोड़ और कब्जे की कोशिश को लेकर शुक्रवार को भारी बवाल हुआ। ऐतिहासिक धरोहर को नुकसान पहुँचाए जाने से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने रसड़ा तहसील मुख्यालय का घेराव किया और उपजिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि नसीरपुर गांव स्थित इस प्राचीन स्थल पर बौद्ध पिलर स्तंभ, पाली भाषा अंकित अभिलेख और दबे हुए स्तूप मौजूद हैं। शिकायत के अनुसार गांव के कुछ दबंग व्यक्तियों द्वारा इस ऐतिहासिक धरोहर के साथ तोड़-फोड़ की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अंधविश्वास का डर दिखाकर और बौद्ध विरासत को नुकसान पहुँचाकर वहां अवैध रूप से मंदिर बनाने की साजिश रची जा रही है।

वकील, बीर बहादुर, अंगद और बसंती देवी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने एसडीएम रवि कुमार को अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने कहा कि धरोहर के सुंदरीकरण के बजाय उसे नष्ट किया जा रहा है और विरोध करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि विरासत स्थल से छेड़छाड़ करने वाले अराजक तत्वों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे वृहद आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

उपजिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। फिलहाल, क्षेत्र में इस मामले को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है और ग्रामीण अपनी प्राचीन धरोहर की सुरक्षा के लिए लामबंद हैं।

 

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