बलिया
बलिया जनपद के विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण अभियान के तहत नो-मैपिंग मामलों में खराब प्रगति को लेकर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बलिया जनपद के विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण अभियान के तहत नो-मैपिंग मामलों में खराब प्रगति को लेकर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने उन अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है, जिनकी प्रगति अत्यंत कम पाई गई।
मात्र 28% सुनवाई पर बरसे डीएम
समीक्षा के दौरान सामने आया कि जनपद के कुल 1,42,121 नो-मैपिंग मतदाताओं के सापेक्ष अब तक केवल 39,991 (28.14%) मामलों में ही सुनवाई हो सकी है। सबसे खराब स्थिति बेल्थरारोड (18.49%) और बैरिया (17.69%) विधानसभा क्षेत्रों की रही। मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जताई गई नाराजगी का हवाला देते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को कठोर चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए।
मतदाताओं की सुविधा के लिए क्लस्टर और प्रचार
डीएम ने पाया कि सुनवाई स्थलों की दूरी और जागरूकता की कमी के कारण मतदाता कम पहुंच रहे हैं। इसके समाधान हेतु उन्होंने निर्देश दिए कि
4 से 10 बूथों का क्लस्टर बनाकर नजदीकी स्थानों पर सुनवाई की जाए।
ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार कराया जाए।
अवकाश के दिनों में भी नोटिस की सुनवाई जारी रखी जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट लक्ष्य दिया कि अगले दो दिनों में 50 प्रतिशत से कम प्रगति वाले अधिकारी अपनी प्रगति बढ़ाएं। उन्होंने जोर दिया कि आयोग की मंशा के अनुरूप निर्वाचक नामावली पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित होनी चाहिए। बैठक में जनपद के समस्त ईआरओ और एईआरओ उपस्थित रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) February 9, 2026























