हापुड़: मणिकर्णिका घाट ध्वस्तीकरण के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

हापुड़

हापुड़ जनपद के वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त किए जाने और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियों के मलबे में दबने की घटना को लेकर हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


हापुड़ जनपद के वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त किए जाने और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्तियों के मलबे में दबने की घटना को लेकर हापुड़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

ऐतिहासिक धरोहर की अनदेखी का आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने एसडीएम इला प्रकाश को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि 10 जनवरी 2026 को भाजपा सरकार ने बिना किसी पूर्व सूचना के मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस घाट का जीर्णोद्धार वर्ष 1791 में माता अहिल्याबाई होलकर ने कराया था। वर्तमान में ध्वस्तीकरण के कारण माता अहिल्याबाई की पवित्र मूर्तियां मलबे में दबी पड़ी हैं, जिससे लोगों की धार्मिक और ऐतिहासिक भावनाएं आहत हुई हैं।

ट्रस्ट ने भी दर्ज कराया विरोध शहर कांग्रेस अध्यक्ष इरफान अहमद ने जानकारी दी कि इंदौर के ‘खासगी देवी अहिल्याबाई होलकर चैरिटीज ट्रस्ट’ ने भी इस कार्रवाई पर पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध जताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और घाट का पुनर्निर्माण व मूर्तियों की पुनः स्थापना काशी के विद्वान धर्माचार्यों और स्थानीय नागरिकों की सहमति से कराई जाए।

इस प्रदर्शन में पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन समेत दर्जनों कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

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