महराजगंज : फरेंदा तहसील में रास्ते के विवाद को लेकर फूटा आक्रोश, चकबंदी दफ्तर के बाहर न्याय की आस में धरने पर बैठे पीड़ित

फरेंदा

महराजगंज जनपद की फरेंदा तहसील में रास्ते के विवाद को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज पीड़ितों का धैर्य जवाब दे गया।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद की फरेंदा तहसील में रास्ते के विवाद को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज पीड़ितों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार तहसील परिसर स्थित बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। पीड़ितों का कहना है कि वे दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।

लंबे समय से अधर में लटका है विवाद

वारदात CCTV में कैद

प्रदर्शन कर रहे पीड़ितों का आरोप है कि गांव में रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। दबंगों द्वारा रास्ते को बाधित किए जाने या चकबंदी प्रक्रिया में विसंगतियों के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। पीड़ितों ने बताया कि इस संबंध में तहसील प्रशासन और चकबंदी विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस जमीनी कार्रवाई नहीं हुई।

तहसील परिसर में हड़कंप

कार्य दिवस के दौरान तहसील परिसर में शुरू हुए इस धरने से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में लोगों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही राजस्व और चकबंदी विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों का स्पष्ट कहना है कि जब तक रास्ते का स्थायी समाधान नहीं होता और उन्हें उनका अधिकार नहीं मिलता, वे वहां से नहीं हटेंगे।

लेखपाल अवनीश पांडे ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस रास्ते की मांग ग्रामीण कर रहे हैं, उसे निकालने या स्वीकृत करने का अधिकार बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी के पास सुरक्षित है। जैसे ही उच्चाधिकारी हमें इस संबंध में निर्देशित करेंगे, हम तत्काल नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।”

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