बहराइच: कथावाचक को सलामी देने पर मचा सियासी घमासान, DGP ने मांगा जवाब, अखिलेश और चंद्रशेखर ने उठाए सवाल

बहराइच

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक कथावाचक को पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी) दिए जाने का मामला अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक कथावाचक को पुलिस द्वारा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी) दिए जाने का मामला अब बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रोटोकॉल पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।

क्या है पूरा विवाद?

मामला बहराइच की रिजर्व पुलिस लाइन का है, जहाँ 8 से 14 नवंबर तक वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी द्वारा संगीतमय कथा का आयोजन किया गया था। आरोप है कि 14 नवंबर को समापन के अवसर पर एसपी राम नयन सिंह की मौजूदगी में आयोजित परेड के दौरान कथावाचक को वैसी ही सलामी दी गई, जो आमतौर पर संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों या उच्चाधिकारियों को दी जाती है।

 

विपक्ष का जोरदार हमला

वीडियो वायरल होते ही सियासत गरमा गई है

अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): उन्होंने वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि क्या अब पुलिस के नियम-कायदे बदल गए हैं? उन्होंने इसे संस्थागत अनुशासन का उल्लंघन बताया।

चंद्रशेखर आजाद (भीम आर्मी चीफ): उन्होंने इसे कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बताते हुए पूछा कि किस प्रोटोकॉल के तहत एक निजी व्यक्ति को पुलिस लाइन में सलामी दी गई।

DGP कार्यालय सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बहराइच एसपी से इस पूरी घटना पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि पुलिस लाइन जैसे संवेदनशील और अनुशासित स्थान पर इस तरह का कृत्य सेवा नियमावली के विरुद्ध है।

 

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