मथुरा: बांके बिहारी मंदिर में टूटी वर्षों पुरानी परंपरा, वेतन न मिलने पर बाल-शयन भोग नहीं बना

मथुरा

मथुरा जनपद के स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में आज वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा टूट गई, जब ठाकुर जी का बाल भोग और शयन भोग तैयार नहीं किया जा सका।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।


मथुरा जनपद के स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में आज वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा टूट गई, जब ठाकुर जी का बाल भोग और शयन भोग तैयार नहीं किया जा सका। इसका मुख्य कारण हलवाई को वेतन का भुगतान न होना बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट (SC) द्वारा गठित की गई हाई पावर कमेटी के अंतर्गत शुरू की गई थी। कमेटी ने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने के लिए हलवाई की नियुक्ति की थी।

शिकायत है कि हलवाई को प्रतिमाह 80 हज़ार रुपये का वेतन निर्धारित किया गया था, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वेतन न मिलने से नाराज़ हलवाई के काम बंद करने के कारण ठाकुर जी के दोनों समय के भोग नहीं बन पाए।

इस घटना से मंदिर प्रशासन और हाई पावर कमेटी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, और भक्तों में निराशा है। इस मामले पर अब कमेटी की ओर से प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।

 

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