सिद्धार्थनगर: जगमोहनी गाँव में जल जीवन मिशन की हकीकत आई सामने,केंद्रीय प्रभारी अधिकारी के निरीक्षण में कागजी दावों और जमीनी सच्चाई में मिला अंतर

सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर जनपद में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए गुरुवार को नीति आयोग/अपर सचिव उर्वरक विभाग।पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर जनपद में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए गुरुवार को नीति आयोग/अपर सचिव उर्वरक विभाग, भारत सरकार की केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अनीता सी. मेश्राम ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बलराम सिंह के साथ जगमोहनी गाँव में पानी की टंकी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान, अधिकारियों द्वारा कागजों पर दर्ज किए गए दावों और ग्रामीणों की वास्तविक शिकायतों के बीच स्पष्ट अंतर देखने को मिला।

जल निगम के अधिशासी अभियंता (ईई) ने निरीक्षण टीम को जानकारी दी कि टंकी लगभग एक वर्ष से संचालित है।कुल 508 घरों में से 480 घरों को जल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।जलापूर्ति सुबह 7 बजे से 9 बजे और दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक की जा रही है।परियोजना के रखरखाव का कार्य अगले 10 वर्षों तक संबंधित कंपनी द्वारा किया जाएगा।

अनीता सी. मेश्राम ने महिलाओं से संवाद कर पेयजल की गुणवत्ता, दबाव, समयबद्धता और आपूर्ति संबंधी सभी शिकायतों की विस्तृत जानकारी ली।

केंद्रीय प्रभारी अधिकारी अनीता सी. मेश्राम ने जल निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि लीकेज, सप्लाई बाधा और गुणवत्ता संबंधी सभी समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाए। ग्रामीणों ने इस उच्च-स्तरीय निरीक्षण के बाद जल्द ही ठोस सुधार देखने की उम्मीद जताई है।

निरीक्षण के अंत में परिसर में पौधरोपण कर जल संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर अधिशासी अभियंता जल निगम संजय जायसवाल और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बी.एस. यादव सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

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