सिद्धार्थनगर
भारत सरकार द्वारा जीवन दायिनी नदियों को जीवंत बनाए रखने हेतु नदी पुनर्चक्रण(रिवर रेचिंग) योजना के तहत सिद्धार्थनगर के बाँसी में राप्ती तट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

भारत सरकार द्वारा जीवन दायिनी नदियों को जीवंत बनाए रखने हेतु नदी पुनर्चक्रण(रिवर रेचिंग) योजना के तहत सिद्धार्थनगर के बाँसी में राप्ती तट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मत्स्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार संजय निषाद व सांसद जगदंबिका पाल ने मछुवा समाज के लोगों के साथ जिले की सबसे बड़ी नदी राप्ती में हजारों की संख्या में मछली के बच्चे छोड़े।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री संजय कुमार निषाद ने जानकारी देते हुए कहा कि “उपेक्षा के चलते नदियों का पानी दूषित हो चुका था और जीवन दायिनी नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था,
लेकिन हमारी सरकार ने अभियान चलाकर इसका पुनर्चक्रण किया जिससे जहां मछुवा समाज को फिर से रोजगार उपलब्ध हुआ वहीं नदियां भी हरी भरी हों रहीं हैं।” नदियां न केवल मछुआरों के लिए वरदान होतीं हैं बल्कि हमारे स्वास्थ्य पर भी नदियों का गहरा प्रभाव पड़ता है।
नदियों का दूषित जल हमारे जीवन के लिए दुष्प्रभाव होता है,जिसको ध्यान में रखते हुए भारत सरकार तरह-तरह के संबंधित योजनाओं का संचालन करती है, जिससे नदियों की स्वच्छता बनी रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 18, 2025























