बलिया
उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर टाउन हॉल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, पूरी जानकारी के पढ़िए वाॅयस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर टाउन हॉल में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसे राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने इस अवसर पर बिरसा मुंडा को याद करते हुए कहा कि उनकी जयंती जनजातीय समुदाय की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, संघर्ष और स्वाभिमान का उत्सव है। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलीहातू गांव में हुआ था और उन्होंने अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाई।
जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने अपने संबोधन में बताया कि बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों की भूमि नीतियों के खिलाफ ‘उलगुलान’ (महान विद्रोह) नामक जनजातीय विद्रोह का नेतृत्व किया, जिसके कारण उन्हें “धरती आबा” (धरती पिता) की उपाधि मिली। उन्होंने जनजातीय समाज में व्याप्त सामाजिक बुराइयों और अंधविश्वास के खिलाफ भी जागरूकता फैलाई और “बिरसाइत” नामक धार्मिक आंदोलन चलाया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे और इसका संचालन मुन जी गोड़ ने किया।
मऊ एसपी का बड़ा फेरबदल: 8 सब-इंस्पेक्टर का तबादला, 3 चौकी प्रभारी बदले गएhttps://t.co/9OIiTbFz6u
— Voice of News 24 (@VOfnews24) November 15, 2025

















