आस्था का भव्य समापन: ठूठीबारी के चंदन नदी घाट पर उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ महापर्व संपन्न

ठूठीबारी (महराजगंज)

लोक आस्था का महापर्व छठ आज मंगलवार सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

लोक आस्था का महापर्व छठ आज मंगलवार सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया। महराजगंज जनपद ठूठीबारी स्थित चंदन नदी छठ घाट पर सुबह के अर्घ्य उदयाचलगामी सूर्य के समय एक बार फिर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जिसने इस अटूट आस्था के महापर्व के सफल समापन की गवाही दी।

चंदन नदी घाट से ग्राउंड रिपोर्ट

सुबह के प्रथम प्रहर में, जैसे ही पूरब दिशा में लालिमा फैली, व्रती महिलाओं ने कमर तक पानी में खड़े होकर विधि-विधान से सूर्य देव को अंतिम अर्घ्य अर्पित किया। पूरा घाट क्षेत्र ‘जय छठी मैया’ के जयकारों और पारंपरिक छठ गीतों से गुंजायमान रहा।

सजावट: व्रती महिलाओं द्वारा सजाए गए डलवे साक्षात छठ माता के प्रति उनकी अटूट आस्था के साक्षी बने। इन डलवों में छठ पूजा के विशेष प्रसाद और फल सुसज्जित थे।

प्रसाद की भव्यता: डलवों में ठेकुआ, गुजिया, मूंगफली, गन्ना, चीकू, कीवी, अमरूद इत्यादि मौसमी और पारंपरिक फलों और व्यंजनों को बड़े करीने से सजाया गया था।

उल्लास: सुबह का अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने एक-दूसरे को प्रसाद बाँटा और आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।

इस प्रकार, डूबते और उगते सूर्य की उपासना का यह चार दिवसीय महापर्व, भक्ति और अनुशासन की मिसाल कायम करते हुए, अत्यंत उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

 

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