गोरखपुर: 1200 बेटियों के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल ,नवविवाहित जोड़ों को दिया आशीर्वाद

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मंगलवार को गोरखपुर के खाद कारखाना परिसर में आयोजित एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 1200 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मंगलवार को गोरखपुर के खाद कारखाना परिसर में आयोजित एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 1200 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 1 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई, जो देश और प्रदेश के लिए एक नई शुरुआत है।

सीएम योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीबों, बेटियों और उनके अभिभावकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। उन्होंने इस योजना को न केवल शादी का आयोजन बताया, बल्कि बाल विवाह, दहेज प्रथा और बहुविवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर भी एक करारा प्रहार बताया।

कन्याओं को मिलेगा सिंदूरदान

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरित होकर अब सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कन्याओं को मिलने वाले उपहार में सिंधौरा (सिंदूरदान) भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पहले इस योजना के तहत केवल 20 हजार रुपये मिलते थे, जो कुछ विशेष जातियों तक ही सीमित थे। अब यह योजना सभी के लिए है और इसमें 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इस राशि में से 60 हजार रुपये सीधे बेटी के खाते में भेजे जाते हैं, जबकि शेष राशि शादी के आयोजन, जेवर और घरेलू सामान पर खर्च होती है।

प्रदेश की 6 करोड़ आबादी गरीबी से बाहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उनकी सरकार ने बेटियों की पढ़ाई से लेकर उनकी शादी तक की जिम्मेदारी उठाई है। कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे अब तक 24 लाख बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की योजनाओं से प्रदेश की 6 करोड़ आबादी को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया है।

नवदंपतियों को उपहार भेंट

मुख्यमंत्री ने मंच से 11 नवदंपतियों को स्वयं उपहार भेंटकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस आयोजन को बेटियों को सम्मान देने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त प्रयास बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना जाति, धर्म या मजहब के आधार पर भेदभाव नहीं करती है, बल्कि सभी जरूरतमंदों को समान रूप से लाभान्वित करती है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी, जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि को पहले 35 हजार, फिर 51 हजार और अब 1 अप्रैल 2025 से 1 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को दहेज जैसी कुप्रथाओं से लड़ने में मदद मिल रही है

 

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