लखनऊ पुस्तक मेले में छठा दिन भी साहित्यिक गतिविधियों से भरा रहा मेले में आज कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुए

लखनऊ

बहुजन साहित्य के स्टाल पर बड़ेलाल मौर्य प्रोफेसर की धर्म के नाम पर शोषण का धंधा किताब के अलावा अन्य विचारोत्तेजक पुस्तकें भी उपलब्ध थीं।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट 

बहुजन साहित्य के स्टाल पर बड़ेलाल मौर्य प्रोफेसर की धर्म के नाम पर शोषण का धंधा किताब के अलावा अन्य विचारोत्तेजक पुस्तकें भी उपलब्ध थीं। इनमें राजीव पटेल व संजय की लिखी बुद्धिजीवियों का षड्यंत्र, वैदिक युग का घालमेल व भ्रम का पुलिंदा, डा.राजेन्द्र प्रसाद सिंह की बौद्ध सभ्यता की खोज, सम्राट अशोक का सही इतिहास व भाषा साहित्य और इतिहास का पुनर्पाठ जैसी पुस्तकें शामिल थीं।

साहित्यिक मंच पर आज गहमर गाजीपुर की पत्रिका साहित्य सरोज के संयोजन में अखण्ड प्रताप सिंह ने मोबाइल शार्ट फिल्म कार्यशाला में प्रतिभागियों को कम खर्च और सीमित संसाधनों में ढंग से मोबाइल फोन से छोटी फिल्में तैयार करने की तकनीक बतायी।

इसके अलावा, पद्मश्री योगेश प्रवीन को समर्पित फगुआ धमाल में बीएसएनवी इंटर कॉलेज, सीएमएस इंदिरानगर व राजाजीपुरम के बच्चों ने श्लोकवाचन, हनुमान चालीसा, शिव रुद्राष्टकं संग होली गीत सुनाये। राजीव कुमार सक्सेना ने कविता पाठ किया।

शाम को कविता लोक के समारोह में मुक्तक भारती और दोहा भारती का विमोचन हुआ। डा.योगेश की अध्यक्षता में चली कविगोष्ठी में डा.गंगाप्रसाद शर्मा, डा.वेदप्रकाश अग्निहोत्री, महेशप्रकाश, निर्भय गुप्ता और ओम नीरव आदि ने रचनाएं पढ़ीं।

मेले में कल 7 मार्च को कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम होंगे, जिनमें रेकी हीलिंग पद्धति पर कार्यक्रम, बच्चों और युवाओं के कार्यक्रम, विविधा, पुस्तक लोकार्पण, साहित्यकार संसद का समारोह और रेवांत की ओर काव्यगोष्ठी शामिल हैं।

 

Voice Of News 24 

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