Voice Of News 24:कार्यो की करताल, कविताओं की ललकार से लोकप्रियता को हासिल करने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की मानाई जा रही शतकीय जयंती

Voice Of News 24 

25  Dec 2024 14:48 PM ,

Rishi Verma

अटल बिहारी वाजपेई की शतकीय जयंती पर देश के बड़े-बड़े दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि तथा उनके द्वारा किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए फूल-माल अर्पित किया। अटल बिहारी वाजपेई द्वारा किए गए कुछ चुनिंदा कार्यो एवं उनके विचारों के बारे में पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट

अटल बिहारी वाजपेयी का संक्षिप्त जीवन परिचय

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के शिंदे का बाड़ा मुहल्ले में हुआ था। उनके पिता पंडित कृष्ण बिहारी वाजपेयी अध्यापक थे और माता कृष्णा देवी घरेलू महिला थीं। वे अपने माता-पिता के सातवें संतान थे। उनसे बड़े तीन भाई और तीन बहनें थीं। उन्होंने विक्टोरिया कॉलेज (जिसे अब लक्ष्मीाबाई कॉलेज के नाम से जाना जाता है) से स्नातक स्तर की शिक्षा ग्रहण की थी। कॉलेज जीवन में ही उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शाखा प्रभारी के रूप में भी कार्य किया था। 1957 में देश की संसद में जनसंघ में सिर्फ चार सदस्य थे जिसमें एक अटल बिहारी बाजपेयी भी थे। संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए हिंदी में भाषण देने वाले अटल जी पहले भारतीय राजनीतिज्ञ थे।

कवि के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक कवि भी थे। मेरी इक्यावन कविताएँ अटल जी का प्रसिद्ध काव्यसंग्रह है। वाजपेयी जी को काव्य रचनाशीलता एवं रसास्वाद के गुण विरासत में मिले हैं। उनके पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर रियासत में अपने समय के जाने-माने कवि थे। वे ब्रजभाषा और खड़ी बोली में काव्य रचना करते थे। पारिवारिक वातावरण साहित्यिक एवं काव्यमय होने के कारण उनकी रगों में काव्य रक्त-रस अनवरत घूमता रहा है। उनकी सर्व प्रथम कविता ताजमहल थी। इसमें श्रृंगार रस के प्रेम प्रसून न चढ़ाकर “एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल, हम गरीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मजाक” की तरह उनका भी ध्यान ताजमहल के कारीगरों के शोषण पर ही गया।

अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा

अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय राजनीति के एक महान नेता और प्रभावशाली विचारक थे, उन्होंने अपने जीवनकाल में कई प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए हैं। उनके कोट्स न केवल उनकी राजनीतिक दृष्टि और नेतृत्व की क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि वे भारतीय समाज की विविधता और उसकी उम्मीदों को भी उजागर करते हैं। अटल बिहारी वाजपेयी के विचार अक्सर उम्मीद, धैर्य और सच्चाई की ओर इशारा करते हैं और उन्होंने अपने शब्दों के माध्यम से भारतीय जनमानस को संघर्ष, समर्पण और महानता की ओर प्रेरित किया है। उनके विचार आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को वर्तमान प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धांजलि

देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100 जयंती के मौके पर पीएम मोदी ने एक ब्लॉग लिखते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस लेख के जरिए पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों और उपलब्धियों के बारे में बताते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों से सीखने का स्त्रोत बताया है।

वाजपेयी कितनी बार पीएम बने?

अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसम्बर 1924 – 16 अगस्त 2018) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, राजनेता और कवि थे, जिन्होंने भारत के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया, पहली बार 1996 में 13 दिनों की अवधि के लिए, फिर 1998 से 1999 तक 13 महीने की अवधि के लिए, उसके बाद 1999 से 2004 तक पूर्ण कार्यकाल के लिए।

 

Voice Of News 24