महराजगंज जिले का एक ऐसा मंदिर जहां विदेशों से भी आते हैं श्रद्धालु,हर मुराद होती है पूरी

Voice Of News 24 

11 Oct 2024 12:11 PM

महाराजगंज

महाराजगंज जिले के ग्राम पंचायत टिकुलहिया में स्थित माता का मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी करने के लिए आते हैं। इस मंदिर की मान्यता है कि जो भक्त सच्ची श्रद्धा से माता टिकुलिया जी के सामने अपनी मनोकामना रखते हैं, उनकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

मंदिर का इतिहास 1892 से जुड़ा हुआ है, जब निचलौल के तत्कालीन जमींदार माहेश्वरी दत्त पाण्डेय नेपाल की पहाड़ियों से माता जी के पिंड स्वरूप को लेकर आए थे। वे इसे अपने घर में स्थापित करना चाहते थे, लेकिन माता ने उन्हें यहीं टिकुलहिया में रहने का संकेत दिया। यात्रा के दौरान हर गांव के सिवान पर एक पशु बलि की जाती थी, और टिकुलहिया पहुंचते ही बलि समाप्त हो गई। माता का पिंड स्वरूप बहुत भारी हो गया था, जिसे किसी भी प्रयास से उठाया नहीं जा सका, जिसके कारण माता जी यहीं विराजमान हो गईं।

यह मंदिर आज भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों से, बल्कि नेपाल सहित विदेशों से भी लोग आते हैं। खासकर चैत्र नवरात्रि के समय यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं।

माहेश्वरी जी हर चैत्र नवरात्रि में अपने परिवार के साथ मंदिर परिसर में 9 दिनों तक पूजा पाठ करवाते थे,एवं आजतक उनके परिवार में कोई भी कार्यक्रम हो जैसे कि मुंडन,जनेऊ सब यहीं पर होता है। माहेश्वरी दत्त पाण्डेय जी के सुपुत्र महावीर प्रसाद पाण्डेय जी थे, उनके सुपुत्र ओमप्रकाश पाण्डेय थे, उनके दो सुपुत्र संदीप पाण्डेय और सचिन पाण्डेय हैं,जो माहेश्वरी दत्त पाण्डेय के वर्तमान समय के वारिस हैं।

माहेश्वरी दत्त पाण्डेय के परिवार के लोग आज भी मंदिर की परंपराओं को निभाते आ रहे हैं, और यहां हर साल पूजा और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

 

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