Voice Of News 24
16 Apr 2024 14:05 PM
सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर की एक मात्र लोकसभा सीट डुमरियागंज से अब तक कांग्रेस के पास सबसे आधिक बार पताका लहराने का रिकार्ड रहा है।जाने कब और किसने लोकसभा सीट डुमरियागंज का किला भेध पाया है।
डुमरियागंज लोक सभा सीट पर 1952 मे हुए आम चुनाव मे कांग्रेस पार्टी के केशव देव मालवीय ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद लगातार दो चुनाव मे कांग्रेस पार्टी के रामशंकर और कृपाशंकर लाल ने जीत दर्ज करने मे सफलता पाई थी।
बात करे1967 के लोकसभ चुनाव की तो कांग्रेस जीत की हैट्रिक लगाने के बाद हार का मुंह देखना पड़ा था । लेकिन कांग्रेस पार्टी ने 1971 मे अपनी हारी हुई सीट पर दुबारा परचम लहराया । कौन नहीं जानता इमरजेंसी के बाद 1977 मे कांग्रेस पार्टी का क्या हाल रहा है। डुमरियागंज सीट से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था |
इस चुनाव मे जनता पार्टी के उम्मीदवार माधव प्रसाद त्रिपाठी ने परचम लहराया ,1980 और 1984 के चुनाव मे कांग्रेस पार्टी के पाले मे जाने मे कामयाब रही ।1989 मे एक बार फिर कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़ें बृजभूषण तिवारी ने जीत दर्ज की 1991 मे भाजपा ने डुमरियागंज सीट पर कब्जा रहा भाजपा के रामपाल सिंह ने जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला था।
1996 के चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप मे वृजभूषण तिवारी ने जीत दर्ज की 1998 और 1999 के लोक सभा चुनाव मे भाजपा के उम्मीदवार राम पाल सिंह ने लगा तार दो बार जीत दर्ज की 2004 के चुनाव में बसपा ने मोहम्मद नुकीम को टिकट दिया तो वह भी जीत का स्वाद चखा और दिल्ली का सफर पूरा किया।
जबकी 2009 मे कांग्रेस ने जगदंबिका पाल को कांग्रेस से टिकट मिला और जीत दर्ज किया तबसे जगदंबिका पाल ने मुड़ के नहीं देखा ,20 14 मे पाल ने कांग्रेस का साथ छोड़ भाजपा का दामान पकड़ा और मोदी लहर मे जीत दर्ज की और 2019 मे की जीत दर्ज किया और तीसरे बार लोक सभा पहुंचे | पार्टी ने जगदंबिका पाल पर भरोसा जताते हुए एक बार फिर से मैदान मे उतारा है। जगदंबिका पाल को 1998 मे राजनैतिक हालात के चलते जगदंबिका पाल को एक दिन के लिए उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था इस लिए जगदंबिका पाल को वन डे वंडर ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स के नाम से भी जाना जाता है।























