प्रधानाध्यापक के सुसाइड से विद्यालय में सन्नाटा

धानी क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय करमहा में  की आत्महत्या प्रधानाध्यापक करने से बच्चे सदमे में हैं। स्थिति यह है कि लगातार दो दिन से बच्चे स्कूल में पढ़ने नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को शिक्षक विद्यालय पर पहुंचे, लेकिन छात्रों के नहीं आने से शैक्षणिक कार्य नहीं हो पाया। शिक्षक भी गुमसुम दिखे

हर जुबान पर प्रधानाध्यापक की मौत को लेकर अफसोस ही दिखा।प्राथमिक विद्यालय करमहा में रविवार की रात प्रधानाध्यापक शिव कुमार ने आत्महत्या कर लिया था। सोमवार की सुबह घटना की जानकारी मिलने से पूरे जिले में सनसनी मच गई। विद्यालय में 196 बच्चों का नामांकन है, लेकिन विद्यालय में ही प्रधानाध्यापक की सुसाइड से बच्चे दो दिन से पढ़ने नहीं आ रहे हैं। अभिभावक मनोज साहनी, भोला अग्रहरी, विजेन्द्र पासवान का कहना है कि प्रधानाध्यापक का व्यवहार काफी सरल व मृदुभाषी था। वह नियमित विद्यालय आते रहते थे। करमहा गांव में वह लोकप्रिय थे। बच्चों से उनका दिली लगाव था। यही कारण है कि प्रधानाध्यापक की मौत से बच्चे सदमे में हैं।