बलिया

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीएम ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विवरण समय से पोर्टल पर अपलोड किए जाएं।
पोर्टल पर अपलोड हो राहत सामग्री का विवरण
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया कि बाढ़ पीड़ितों को वितरित की गई राहत किट और अन्य सहायता सामग्री की संख्या का पूरा ब्योरा पोर्टल पर अपलोड कराया जाए, साथ ही इसका प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पात्र व्यक्तियों को ही सरकारी सहायता का लाभ मिलना चाहिए, अपात्रों को किसी भी स्थिति में लाभ न मिले। इसके अलावा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चौकियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि जहां स्थिति सामान्य हो गई है, वहां चौकियां बंद कर उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए और राहत कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
फसल क्षति के सर्वे के लिए टीमें गठित, रोज देनी होगी रिपोर्ट
बाढ़ से प्रभावित गांवों में किसानों को मुआवजा देने के लिए फसल क्षति का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी तहसीलदारों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। सर्वे कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की गई है:
नायब तहसीलदार: प्रत्येक द्वारा 5 गांवों का सर्वे।
ग्राम विकास/पंचायत सचिव: प्रत्येक द्वारा 3 गांवों का सर्वे।
लेखपाल: प्रत्येक द्वारा 3 गांवों का सर्वे।
कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, बाढ़ क्षेत्रों में लगाई गई नावों की सूची भी मांगी गई है ताकि समय पर नाविकों के भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके। बैठक में राहत एवं सहायता कार्यों से जुड़े सभी जरूरी अभिलेख समय से तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।













