महराजगंज

महराजगंज जनपद के सदर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा भिसवा में श्मशान घाट की भूमि पर विवाह भवन बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद के सदर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा भिसवा में श्मशान घाट की भूमि पर विवाह भवन बनाए जाने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व ग्राम प्रधान नूर आलम के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से मुलाकात कर पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने प्रस्तावित निर्माण को तुरंत रुकवाने और जमीन को श्मशान घाट के रूप में संरक्षित करने की गुहार लगाई है।
पीढ़ियों पुरानी परंपरा और मौके पर मौजूद साक्ष्य
जिलाधिकारी को सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में पीडब्ल्यूडी गोदाम के पास स्थित जमीन पर कई पीढ़ियों से शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। पूर्व प्रधानों के कार्यकाल में यहां श्मशान घाट के नाम से वृक्षारोपण कराया गया था, जो आज भी खड़े हैं। इसके अलावा 2015 में स्थापित श्मशान घाट का साइन बोर्ड और मनरेगा योजना का बोर्ड भी मौके पर साक्ष्य के रूप में मौजूद है।
अंतिम संस्कार की वेदियों को समतल करने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान ग्राम प्रधान अथवा प्रशासक द्वारा श्मशान घाट पर बनी अंत्येष्टि वेदियों को जेसीबी मशीन से तुड़वाकर समतल करा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी आस्था से जुड़ा मामला है, इसलिए इस भूमि को श्मशान घाट के नाम पर ही दर्ज रखा जाए और किसी अन्य निर्माण की अनुमति न दी जाए।
जांच के बाद होगी कार्रवाई DM
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने पूरे मामले की जांच कराकर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व प्रधान नूर आलम के साथ पदमामकर, रामरतन, राममिलन, अरविंद कुमार, अजय कुमार, अवधेश और इंद्रावती सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 15, 2026












