जौनपुर

जौनपुर जनपद के प्रतिबंधित चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के कारण हो रहे जानलेवा हादसों को लेकर जिले के अधिवक्ताओं व समाजसेवियों में गहरा रोष है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज़ 24 की खास रिपोर्ट।

जौनपुर जनपद के प्रतिबंधित चाइनीज और सिंथेटिक मांझे के कारण हो रहे जानलेवा हादसों को लेकर जिले के अधिवक्ताओं व समाजसेवियों में गहरा रोष है। अधिवक्ता विकास तिवारी एवं अतुल सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर इस खतरनाक मांझे के खिलाफ अलग से सख्त कानून बनाने की मांग की है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा जुलाई 2017 में ही नायलॉन व प्लास्टिक मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है, इसके बावजूद धड़ल्ले से इसकी बिक्री जारी है। जौनपुर में ही 11 दिसंबर 2025 को शिक्षक संदीप तिवारी और 14 जनवरी 2026 को डॉ. समीर हाशमी की मांझे से गर्दन कटने से दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि हाल ही में 6 सितंबर 2026 को सुजल मौर्य व उनका भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिवक्ता विकास तिवारी और अतुल सिंह ने कहा कि उनकी लड़ाई पतंगबाजी की परंपरा से नहीं, बल्कि उस जानलेवा धागे से है जो बेकसूर लोगों की जान ले रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि चाइनीज मांझे के निर्माण, बिक्री, ऑनलाइन आपूर्ति और भंडारण पर कठोर दंड का प्रावधान किया जाए और हर थाना क्षेत्र में इसकी स्थायी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए। इस दौरान डॉ. अब्बासी, अंकित यादव, आशीष शुक्ला, सुधांशु सिंह, रंजीत यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) September 10, 2026













