फरेन्दा
महराजगंज पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आधुनिक कचरा प्रबंधन के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को प्रमेश्वर सिंह मेमोरियल पी.जी. कॉलेज, फरेन्दा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और आधुनिक कचरा प्रबंधन के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को प्रमेश्वर सिंह मेमोरियल पी.जी. कॉलेज, फरेन्दा में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा देशव्यापी मुहिम “एक पेड़ माँ के नाम” और “नई रोशनी” अभियान के अंतर्गत न केवल सघन वृक्षारोपण किया गया, बल्कि “कचरे से धन, कचरे से आश्चर्य” विषय पर एक बेहद ज्ञानवर्धक कार्यशाला भी आयोजित की गई।
कचरा वास्तव में अमूल्य धन और आधुनिक विश्व का आश्चर्य” — डॉ. अशोक भारतीय
कार्यशाला को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अशोक भारतीय ने पर्यावरण और कचरा प्रबंधन के अंतर्संबंधों को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा आज विश्व के तमाम विकसित देश कचरे का वैज्ञानिक समाधान ढूंढकर उससे अनेक आर्थिक लाभ ले रहे हैं और हमारा देश भारत भी इस तकनीक में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कचरा वास्तव में कोई अपशिष्ट नहीं, बल्कि अमूल्य धन है। आधुनिक तकनीकों द्वारा गीले कचरे को बायोगैस और बिजली में बदला जा रहा है। वहीं, प्लास्टिक कचरे से सड़कें, सीएनजी और खराब बोतलों से जूते व घरेलू सजावट की वस्तुएं तैयार की जा रही हैं। यदि हम समय रहते कचरे की रिसाइक्लिंग कर उसे धन के रूप में स्वीकार कर लें, तो प्रदूषण की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
समुद्र से लेकर जमीन तक कचरे का अंबार चिंताजनक: कैडेट अभिषेक
इससे पूर्व कार्यशाला के मुख्य विषय पर प्रकाश डालते हुए एनसीसी कैडेट अभिषेक यादव ने वैश्विक प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज वैज्ञानिक प्रगति के दौर में कचरे से कंपोस्ट जैविक खाद और कई लाभप्रद उत्पाद तो बन रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद पूरी दुनिया में कचरे के सही निस्तारण न होने से प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। इंसानी बस्तियों से लेकर समंदर की गहराइयों तक प्लास्टिक और ठोस कचरे का अंबार आज आधुनिक विश्व के लिए एक भयानक आश्चर्य और चुनौती बन चुका है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि सघन वृक्षारोपण ही बढ़ते प्रदूषण से मानव जाति को बचाने का सबसे सुलभ माध्यम है।
परिसर में रोपे गए औषधीय और छायादार पौधे
संगोष्ठी और कार्यशाला के उपरांत एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकों और स्टाफ ने मिलकर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कॉलेज परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार और औषधीय पौधे रोपे। सभी कैडेट्स ने इन पौधों को जीवित रखने और उनकी नियमित सिंचाई व सुरक्षा करने का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य भूमिका
इस पूरे रचनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का सफल संचालन और संयोजन अरुण कुमार सिंह (राणा),लेफ्टिनेंट डॉ. संजय कुमार शर्मा,डॉ. अभिमन्यु शर्मा,डॉ. श्रीदयाल वर्मा के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त सम्मानित शिक्षकगण, एनसीसी के वरिष्ठ कैडेट्स, रोवर-रेंजर्स और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
महराजगंज के सीमावर्ती कस्बा ठूठीबारी में एक वीडियो के वायरल होते ही सनसनी फैल गई। ठूठीबारी व्यापार मंडल के अध्यक्ष दिनेश कुमार रौनियर ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या की चेतावनी वाला वीडियो जारी कर दिया। @Uppolice @maharajganjpol pic.twitter.com/ImxcGlHNiH
— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 11, 2026













