रामघाट
बुलन्दशहर जनपद के रामघाट क्षेत्र सहित आस-पास के इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार और रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलन्दशहर जनपद के रामघाट क्षेत्र सहित आस-पास के इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार और रिमझिम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। पिछले कई दिनों से पड़ रही रिकॉर्डतोड़ धूप, भीषण गर्मी, उमस और थपेड़े मारती गर्म हवाओं (लू) से त्रस्त आम जनता को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। तापमान में आई गिरावट का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है। वहीं, इस मानसूनी फुहार से किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है। खरीफ की फसलों की बुवाई के लिए खेतों में जरूरी नमी मिलने से किसान इसे खेती के लिए बेहद मददगार मान रहे हैं।
मौसम सुहाना होने के साथ ही प्रशासनिक दावों की पोल भी खुल गई है। रामघाट क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, गलियों और रिहायशी मोहल्लों में भारी जलभराव हो गया है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ठप होने के कारण नालियों का गंदा और बरसात का पानी लोगों के घरों के ठीक सामने तक जमा हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि यदि जल्द ही पानी की निकासी का कोई मुकम्मल इंतजाम नहीं किया गया, तो दूषित पानी लोगों के घर में घुस जाएगा।
लगातार हुई बरसात के कारण नगर, गांव, मोहल्ले और बाजार के निचले जगहों पर भरे पड़े पानी से तालाब जैसी स्थिति बनी हुई है। क्योंकि बरसात के पानी की निकासी का कोई रास्ता न होने के कारण घंटों पानी प्रमुख मार्गों पर भरा रहने से राहगीरों, स्कूली बच्चों, दुकानदारों और वाहन चालकों को काफी दिक्कत आ रही है। मुख्य बाजार मार्गों पर सड़क में हो रहे गड्ढों और जलभराव के कारण बाजार में रौनक कम देखने को मिल रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के कारण मोहल्ले और मुख्य मार्गों पर बरसात का पानी भरने का मुख्य कारण यह है कि गांव के पानी निकासी का कोई रास्ता नहीं है। पोखरों पर लोगों ने ग्राम प्रधान के सहयोग से अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। गांव के पानी की निकासी के लिए कोई बड़ा नाला नहीं बना हुआ है जो बरसात के पानी को नहर-नदी तक पहुंचा सके। इन नालों को बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, ब्लॉक प्रमुख आदि के सहयोग की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।
इस ओर शासन-प्रशासन का कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे जनता में तीव्र आक्रोश व्याप्त है। जिसका सामना आने वाले विधानसभा चुनाव 2027 में जनता को करना पड़ेगा।
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— Voice of News 24 (@VOfnews24) July 10, 2026












