हापुड़
हापुड़ उत्तर प्रदेश की विकासगाथा और तेज रफ्तार कनेक्टिविटी की मिसाल बताए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे की हकीकत पहली ही बारिश में सामने आ गई है।

हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र अंतर्गत गांव जखेड़ा के पास एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। शुक्रवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग में हड़कंप मच गया है।
यह मामला इसलिए बेहद गंभीर माना जा रहा है क्योंकि दो महीने पहले ही 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री द्वारा इस एक्सप्रेसवे का भव्य उद्घाटन किया गया था। शुरुआती दौर में ही सड़क का धंसना इसके निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
बाल-बाल बची बाइक सवार की जान
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक बाइक सवार इस सर्विस रोड से गुजर रहा था। जखेड़ा गांव के पास अचानक सड़क धंसी देख उसने आपातकालीन ब्रेक लगाई, जिससे वह सड़क पर गिर गया। दिन का उजाला होने के कारण उसकी जान बच गई, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बाद कई अन्य वाहन चालक भी दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। पीड़ित बाइक सवार ने ही इस बदहाली का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अमला हरकत में आया और आनन-फानन में क्षतिग्रस्त हिस्से के चारों ओर बैरिकेडिंग (अवरोध) लगाई गई।
क्षेत्रवासियों ने निर्माण एजेंसी पर उठाए सवाल
स्थानीय निवासी राजेंद्र, देवेंद्र, सीताराम और सुखदेव सिंह आदि ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि महज कुछ घंटों की बारिश और जलभराव से अगर सड़क धंस सकती है, तो भारी मानसून में पूरी सड़क का क्या हाल होगा? ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे का निर्माण करने वाली एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक रुख: मामले की गंभीरता को देखते हुए हापुड़ जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर दोषियों पर कार्रवाई और सड़क को तुरंत दुरुस्त कराने की मांग की है।
“मामले में संबंधित विभाग को पत्र लिखकर रिपोर्ट भेजी जा रही है। मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई हादसा न हो।”संदीप कुमार, एडीएम, हापुड़
अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों को झटका
गौरतलब है कि दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, हापुड़ और नोएडा से लखनऊ व प्रयागराज की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन चालक प्रतिदिन इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। एक्सप्रेसवे पर हर 60 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन, पेट्रोल पंप और फूड प्लाजा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं देने का दावा किया गया था, लेकिन पहली ही बारिश ने इन दावों की पोल
खोल दी है।












