अनूपशहर/बुलंदशहर
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और अत्यंत दुखद खबर सामने आ रही है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और अत्यंत दुखद खबर सामने आ रही है। यहाँ के एक गांव में पशुओं के लिए चारा काटने गए दो मासूम सगे चचेरे-तहेरे भाई-बहन के ऊपर एक जर्जर मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। एक ही झटके में दो सगे परिवारों के चिराग बुझने से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया है और समूचे गांव में मातम पसरा हुआ है।
मशीन से कुट्टी काटते समय अचानक काल बनकर गिरा भारी-भरकम मलबा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तोरई में गुरुवार की देर शाम घटित हुआ। बताया जा रहा है कि गांव निवासी 11 वर्षीय मासूम दीपांशु और उसकी 10 वर्षीय चचेरी बहन रितिका शाम के समय घर के पास ही पशुओं के लिए मशीन से चारा काटने के काम में जुटे हुए थे।
तभी मशीन के ठीक ऊपर स्थित एक मकान का पुराना और जर्जर हो चुका कंक्रीट का छज्जा अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर सीधे दोनों बच्चों के ऊपर आ गिरा। छज्जा इतना भारी था कि दोनों मासूमों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे सीधे मलबे के नीचे दफन हो गए।
चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने हटाया मलबा, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: छज्जा गिरने की जोरदार और डरावनी आवाज सुनकर आसपास के खेतों और घरों से भारी संख्या में ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े। धूल के गुबार के बीच बच्चों को दबा देख परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीणों और रोते-बिलखते परिजनों ने आनन-फानन में अपने हाथों से भारी मलबे को हटाना शुरू किया।
इसी बीच सूचना मिलते ही अनूपशहर कोतवाली पुलिस भी भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से दोनों बच्चों को मलबे से बाहर निकालकर तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की घोषणा सुनते ही अस्पताल परिसर चीत्कारों से गूंज उठा।
एक ही झटके में खत्म हुईं दो मासूम जिंदगियां, पुलिस जांच में जुटी
इस भीषण हादसे ने तोरई गांव के दो सगे भाइयों के हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां एक पल में छीन लीं। दीपांशु और रितिका रिश्ते में भाई-बहन थे और दोनों की उम्र महज 10 से 11 वर्ष के बीच थी।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई: हादसे की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। अनूपशहर पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह एक दुर्घटना है जो छज्जे के अचानक ढहने से हुई। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
तोरई गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में बने जर्जर भवनों और असुरक्षित पुराने ढांचों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है और हर आंख नम है।
बिजनौर: मामूली विवाद में कलयुगी छोटे भाई ने सो रहे बड़े भाई को सब्बल से उतारा मौत के घाट, आरोपी फरार@Uppolice @bijnorpolice https://t.co/LSWf7tXk7A
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 25, 2026













