नौतनवा
महराजगंज जनपद में आगामी मानसून और बरसात के दिनों में संभावित बाढ़ की विभीषिका से जनपदवासियों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

महराजगंज जनपद में आगामी मानसून और बरसात के दिनों में संभावित बाढ़ की विभीषिका से जनपदवासियों को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने नौतनवा विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत बेहद संवेदनशील माने जाने वाले ‘अराजी सुबाइन तटबंध’ का सघन स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने की दो टूक हिदायत दी।
वायर क्रेट और बोल्डर से किया जा रहा स्लोप संरक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अराजी सुबाइन नदी के दाएं और बाएं दोनों तटबंधों पर चल रहे संरक्षण और सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की।
मौके पर मौजूद सिंचाई खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता ने डीएम को तकनीकी प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि नदी के तीव्र कटान प्रभावित क्षेत्रों और ठोकर स्थलों पर वायर क्रेट में भारी बोल्डर भरकर स्लोप संरक्षण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसके साथ ही, तटबंधों पर स्थापित सभी रेगुलेटरों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त ढलानों को कंक्रीट व मिट्टी से मजबूत करने का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।
रैट होल, रेन कट और दरारों को तत्काल भरने का अल्टीमेटम
बाढ़ के खतरों को भांपते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को बेहद कड़े निर्देश जारी किए
अंतिम तिथि तय: मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से पहले सभी बाढ़ निरोधक एवं तटबंध संरक्षण कार्यों को हर हाल में शत-प्रतिशत पूरा किया जाए।
बारीकी से जांच: तटबंधों पर चूहों द्वारा किए गए छेद , बारिश के पानी से हुए कटाव (रेन कट), आई दरारों तथा नए कटान संभावित संवेदनशील स्थलों का तत्काल ड्रोन व स्थलीय सर्वेक्षण कर उनकी स्थाई मरम्मत कराई जाए।
इमरजेंसी के लिए तैयार रखें बोल्डर और बालू की बोरियां
जिलाधिकारी ने संभावित आपदा से निपटने के लिए एडवांस प्लानिंग को अपडेट रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आकस्मिक दरार या रिसाव की स्थिति से तुरंत निपटने के लिए तटबंधों के नजदीक ही।
भारी मात्रा में बोल्डर (पत्थर),
बालू से भरी प्लास्टिक की बोरियां,
वायर क्रेट और अन्य आवश्यक आपदा राहत सामग्रियां पर्याप्त बैकअप में डंप रखी जाएं।
इसके साथ ही, फ्लड चौकियों पर विभागीय अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों की राउंड द क्लॉक (24 घंटे) तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल का कड़ा रुख बाढ़ सुरक्षा और जनता के जीवन की रक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय या तकनीकी लापरवाही, शिथिलता अथवा भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदारों और इंजीनियरों को सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। मैं स्वयं और एसडीएम नियमित रूप से इन स्थलों का औचक निरीक्षण कर प्रगति की सतत समीक्षा करते रहेंगे। यदि काम मानक के अनुरूप नहीं मिला, तो संबंधित के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला
इस महत्वपूर्ण स्थलीय निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल, स्थानीय कानूनगो, लेखपाल और सिंचाई विभाग के सहायक व अवर अभियंता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
नेपाल की पहाड़ियों से आने वाली नदियों के कारण नौतनवा और सीमावर्ती इलाके हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। मानसून के दस्तक देने से पहले डीएम गौरव सिंह सोगरवाल का यह धरातलीय निरीक्षण क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब देखना यह है कि अधिकारी इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेते हैं।
सिद्धार्थनगर:उसका थाना क्षेत्र सुहास बाजार के ग्राम भिटपरा में पुरानी रंजिश को लेकर दबंगों का तांडव देखने को मिला है।बाजार में एक युवक को अकेले घेरकर पीट रहे दबंगों के चंगुल से भतीजे को बचाने पहुंचे चाचा पर हमलावरों ने लोहे की रॉड और सरिए से जानलेवा हमला कर दिया@Uppolice pic.twitter.com/XiaEzJlgDz
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 3, 2026













