बुलंदशहर: रामघाट गंगा स्नान मेले में परिवार से बिछुड़ी 3 साल की मासूम, पुलिस और पूर्व वन दरोगा ने 2 घंटे में पिता से मिलाया

रामघाट

बुलंदशहर जनपद में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के अवसर पर रामघाट गंगा घाट पर स्नान और मुंडन संस्कार के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

बुलंदशहर जनपद में ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के अवसर पर रामघाट गंगा घाट पर स्नान और मुंडन संस्कार के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। मेले की भारी भीड़ में अपने परिवार से बिछुड़कर रो रही एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची को रामघाट थाना पुलिस और एक पूर्व वन दरोगा ने सूझबूझ दिखाते हुए न केवल संभाला, बल्कि करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। अपनी लाडली को वापस पाकर पिता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

मुंडन संस्कार के दौरान लापता हुई मासूम ‘लवी’

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद अलीगढ़ के ग्राम नगला भूड़ निवासी अंकित कुमार अपनी पत्नी रानी, 3 वर्षीय बेटी लवी और 6 महीने के बेटे अनुज के साथ ज्येष्ठ पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने रामघाट आए थे। गंगा घाट पर जब अंकित कुमार अपने बेटे अनुज का मुंडन करा रहे थे, तभी भारी भीड़ के बीच उनकी 3 साल की बेटी लवी अचानक परिवार से अलग हो गई।

अंजान चेहरों और भारी भीड़ के बीच खुद को अकेला पाकर मासूम बच्ची जोर-जोर से रोने लगी।

पुलिस और पूर्व वन दरोगा ने निभाया ‘इंसानियत का फर्ज

मेले की सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रामघाट थाना पुलिस के जवानों और वहीं मौजूद पूर्व वन दरोगा विनोद कुमार शर्मा की नजर रोती हुई बच्ची पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मासूम को अपनी गोद में उठा लिया। बच्ची को डरा हुआ देख उन्होंने उसे चॉकलेट और फ्रूटी देकर चुप कराया और उसका हौसला बढ़ाया।

इसके बाद, सुरक्षाकर्मी बच्ची को गोद में लेकर करीब 2 घंटे तक गंगा घाट पर ही बैठे रहे ताकि उसके माता-पिता उसे ढूंढते हुए वहां पहुंच सकें। साथ ही, पुलिस के जवानों द्वारा तुरंत मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर से घोषणा शुरू कराई गई।

2 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार, चेहरे पर लौटी मुस्कान

माइक पर हो रहे एलाउंसमेंट को सुनकर बच्ची के परेशान पिता अंकित कुमार ढूंढते हुए पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे और बच्ची की पहचान अपनी बेटी लवी के रूप में की।

उचित तस्दीक के बाद रामघाट थाना पुलिस के दरोगा कृष्णपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, पूर्व वन दरोगा विनोद कुमार शर्मा और गंगा सेवा समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण शर्मा द्वारा 3 वर्षीय लवी को उसके पिता अंकित कुमार को सौंप दिया गया। 2 घंटे के भारी तनाव के बाद जैसे ही मासूम अपनी पिता की गोद में पहुंची, दोनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पीड़ित परिवार ने रामघाट पुलिस और स्थानीय प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया है।

 

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