सिद्धार्थनगर
सिद्धार्थनगर आदर्श नगर पंचायत भारत भारी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला परसा हुसैन से सेखुई मार्ग पिछले लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

सिद्धार्थनगर आदर्श नगर पंचायत भारत भारी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला परसा हुसैन से सेखुई मार्ग पिछले लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना नारकीय दौर से गुजरना पड़ रहा है, जिससे क्षेत्रीय जनता में गहरा आक्रोश है।

मौसम बदलते ही दोगुनी हो जाती है मुसीबत
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। बारिश के मौसम में यह पूरी सड़क तालाब का रूप ले लेती है और कीचड़ व जलभराव के कारण राहगीर इसमें गिरकर चोटिल होते रहते हैं। वहीं, गर्मियों के दिनों में सड़क से उड़ने वाली धूल के गुबार ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। सड़क की इस दुर्दशा का सबसे बुरा असर बीमार मरीजों, स्कूल जाने वाले बच्चों और अपनी उपज लेकर मंडी जाने वाले किसानों पर पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों के वादों से ऊब चुके हैं ग्रामीण
वार्डवासियों का सीधा आरोप है कि हर चुनाव में नेता और जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं, लेकिन वोट लेने के बाद वे इस क्षेत्र की सुध लेना भी भूल जाते हैं।
सहजराम ने बताया कि सड़क वर्षों से पूरी तरह ध्वस्त है। कई बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
योगेंद्र ने कहा कि बरसात में इस मार्ग पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है और गड्ढों के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं।
अल्ताफ हुसैन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही विकास के सारे वादे ठंडे बस्ते में डाल दिए जाते हैं।
मोहम्मद आजम ने बताया कि यह मुख्य मार्ग कई महत्वपूर्ण गांवों को आपस में जोड़ता है। इसकी दुर्दशा के कारण क्षेत्र का व्यापार, शिक्षा और सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। उन्होंने शासन-प्रशासन से तत्काल सड़क निर्माण की मांग की है।
अधिकारी का क्या है कहना?
इस पूरे मामले पर नगर पंचायत भारत भारी के अधिशाषी अधिकारी राजन गुप्ता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही तकनीकी टीम भेजकर मार्ग की स्थिति का भौतिक निरीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार एस्टीमेट और प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, सड़क निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू करा दिया जाएगा।
3 घंटे में खोई बच्ची माँ से मिली, पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहनाhttps://t.co/6cl1qM1fxG
— Voice of News 24 (@VOfnews24) June 1, 2026























