सुल्तानपुर: रेलवे ठेकेदार बनकर बेरोजगारों से लाखों की ठगी; CJM के आदेश पर लखनऊ के 4 जालसाजों समेत अज्ञात पर FIR दर्ज

सुल्तानपुर

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में खुद को रेलवे का बड़ा ठेकेदार बताकर सब-कांट्रैक्टरों और बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में खुद को रेलवे का बड़ा ठेकेदार बताकर सब-कांट्रैक्टरों और बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह के सख्त आदेश के बाद कोतवाली नगर पुलिस ने लखनऊ के 4 नामजद आरोपियों और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

साढ़े पांच लाख का कराया काम, 4 लाख के करीब डकारे

न्यायालय में दी गई शिकायत के अनुसार, कोतवाली देहात क्षेत्र के छतौना निवासी पीड़ित फिरोज अहमद (पुत्र अब्दुल रशीद) की मुलाकात 14 नवंबर 2023 को सुल्तानपुर रेलवे स्टेशन पर लखनऊ के खुर्रम नगर निवासी बाबूद्दीन लरी, हसरत खान, शौकत अली और अमीर खान से हुई थी। इन चारों ने खुद को रेलवे का रसूखदार ठेकेदार बताते हुए दावा किया कि उनके पास यूपी के कई जिलों में रेलवे स्टेशनों पर शौचालय निर्माण, मिट्टी पटाई और बाउंड्री वॉल बनाने के बड़े ठेके हैं।

इनके झांसे में आकर फिरोज ने सुल्तानपुर, जौनपुर और प्रतापगढ़ के पखरौली स्टेशन, चाँदा क्रॉसिंग, नाथूपुर क्रॉसिंग और बदलापुर क्रॉसिंग पर सब-कांट्रैक्टर के रूप में कुल 5,64,000 रुपये का निर्माण कार्य अपनी तरफ से करा दिया। काम पूरा होने के बाद आरोपियों ने किस्तों में केवल 1,70,000 रुपये का ही भुगतान किया और बाकी के 3,94,000 रुपये डकार गए।

समझौते के बहाने बुलाकर सरेराह पीटा

फिरोज ने जब लखनऊ जाकर अपने बकाये पैसों की मांग की, तो आरोपियों ने फोन पर गाली-गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 10 जनवरी 2026 की रात करीब 7:30 बजे आरोपियों ने समझौते का नाटक रचते हुए पीड़ित फिरोज को सुल्तानपुर के पौशाला हनीफ नगर मोहल्ले में बुलाया।

फिरोज जब अपने भाई के साथ वहां पहुंचा, तो चारों आरोपी अपने 2-3 अज्ञात साथियों के साथ उन पर टूट पड़े और दोनों भाइयों को लात-घूसों से बेरहमी से पीटा। शोर-शराबा सुनकर जब स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले।

पुलिस की सुस्ती के बाद कोर्ट से मिला न्याय

पीड़ित ने इस जानलेवा हमले और धोखाधड़ी की शिकायत कोतवाली नगर पुलिस और मुख्यमंत्री के आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीजेएम नवनीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज कर 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट (आख्या) अदालत में पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट के हंटर के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संजय कुमार राय को सौंप दी है।

 

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