इफको यूरिया खाद घोटाले का 25 हज़ारी इनामी हरेंद्रपाल कोर्ट में सरेंडर, सभी आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

बुलंदशहर

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के बहुचर्चित इफको यूरिया खाद घोटाला प्रकरण में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है।पूरी जानकारी के लिए पढ़िए वाॅइस ऑफ़ न्यूज 24 की खास रिपोर्ट।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद के बहुचर्चित इफको यूरिया खाद घोटाला प्रकरण में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे और 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी हरेंद्रपाल सिंह ने पुलिसिया दबिश के दबाव में आकर बुधवार को बुलंदशहर स्थित अदालत में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। इस सरेंडर के साथ ही किसानों का हक मारने वाले इस बड़े घोटाले के सभी नामजद और प्रकाश में आए आरोपी अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

मामले की जानकारी देते हुए पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि पीसीएफ कर्मचारी हरेंद्रपाल सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और इनाम घोषित होने के बाद पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। पुलिस के इसी खौफ और लगातार दी जा रही दबिश से घबराकर आरोपी ने अदालत की शरण ली और खुद को बचाने के प्रयास में समर्पण कर दिया।

रिमांड पर लेकर पुलिस करेगी पूरी मर्डर मिस्ट्री… खाद घोटाले का भंडाफोड़
सीओ विकास प्रताप सिंह ने साफ किया कि भले ही आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया हो, लेकिन पुलिस विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी यश राघव और हरेंद्र पाल सिंह को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेगी। रिमांड के दौरान गहन पूछताछ कर इस पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ा जाएगा और साक्ष्य एकत्र कर सख्त पैरवी की जाएगी ताकि किसानों का हक मारने वाले इन आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

मुख्य सरगना हारून पर पहले ही लग चुकी है रासुका
आपको बता दें कि इस खाद घोटाले की गंभीरता को देखते हुए बुलंदशहर जिलाधिकारी (डीएम) की संस्तुति पर महज चार दिन पूर्व ही मुख्य यूरिया खाद माफिया मोहम्मद हारून को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल में निरुद्ध किया जा चुका है। शासन स्तर से इस घोटाले में शामिल सभी बड़े चेहरों पर एनएसए के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

अब तक जेल जा चुके आरोपियों की सूची
इस बड़े घोटाले में आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस इस मामले में अब तक निम्नलिखित आरोपियों को जेल भेज चुकी है:

मौ. हारून (मुख्य माफिया – रासुका निरुद्ध)

असलम, शेर अली और सौपाल सिंह

दिव्यांशु वर्मा और रामेंद्र

यश राघव और हरेंद्रपाल सिंह (दोनों ने न्यायालय में किया समर्पण)

सलीम और दिलशाद (जांच में सामने आए दोनों ट्रांसपोर्टर)

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) दिनेश कुमार सिंह द्वारा फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) से भी कोई राहत न मिलने पर आखिरकार बचे हुए आरोपियों को भी बुलंदशहर कोर्ट में घुटने टेकने पड़े। पुलिस अब रिमांड के जरिए इस पूरे सिंडिकेट की अंतिम कड़ियों को खंगालने में जुट गई है।

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